उत्तर प्रदेश: प्रतापगढ़ में कोरोना माता की मूर्ति स्थापित, ग्रामीण कर रहे पूजा-अर्चना; देखें वीडियो

 12 Jun 2021 01:38 PM

लखनऊ। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में कोरोना माता की मूर्ति स्थापित की गई है। ग्रामीण मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भी पहुंच रहे हैं। हालांकि मंदिर में प्रवेश के लिए बनाए गए नियम लोगों को संक्रमण के प्रति जागरूकता का संदेश दे रहे हैं। सांगीपुर के पूरे जूही (शुकुलपुर) में महामारी से तीन मौतें हुईं तो लोग डर गए। गांव के लोकेश श्रीवास्तव की पहल के बाद ग्रामीणों ने 7 जून को कोरोना माता की मूर्ति स्थापित कराई।

 

 

विशेष ऑर्डर पर तैयार की गई मूर्ति

विशेष ऑर्डर पर तैयार कराई मूर्ति को गांव में नीम के पेड़ के पास स्थापित कर इसे कोरोना माता मंदिर का नाम दिया गया। ग्रामीणों का मानना है कि पूर्वजों ने चेचक को माता शीतला का स्वरूप माना था अब कोरोना भी देवी माता का ही रूप हैं। हालांकि जानकारों का कहना है कि जब समाज बीमारी या फिर महामारी से हार जाता है तो भयभीत होकर पूजा-अर्चना करने लगता है।
महामारी से बचने को भले ही ग्रामीणों ने आस्था का सहारा लिया है, लेकिन मूर्ति के जरिए ग्रामीणों को जागरूक करने की कोशिश की गई है। मूर्ति के चेहरे पर मास्क लगा है। इसके अलावा दर्शन करने के लिए आने वालों को दोनों हाथ धुलाने के बाद ही प्रवेश दिया जाता है। इसके जरिए यह संदेश भी ग्रामीणों को दिया जा रहा है कि वे हमेशा मास्क लगाएं और हाथ धुलते रहें।

लोग पहुंच रहे पूजा अर्चना करने
इतना ही नहीं एक तरफ लिखा गया है कि कृपया सेल्फी लेते समय मूर्ति को न छुएं तो दूसरी तरफ कृपया पीले रंग का ही फूल, फल, वस्त्र, मिठाई, घंटा आदि चढ़ाएं। अब इसे अंधविश्वास कहें या लोगों की आस्था लेकिन मंदिर में बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना करने भी पहुंच रहे हैं।

केरल और कर्नाटक में बन चुके हैं मंदिर
हालांकि इस तरह का कोरोना माता मंदिर केरल और तमिलनाडु के कोयंबटूर में कामचीपुरम इलाके में भी बना है। इससे पहले पिछले जून में, केरल के कोल्लम जिले के कडक्कल के एक मंदिर के पुजारी ने वायरस के डर को दूर करने के लिए अपने घर से जुड़े एक अस्थायी मंदिर में कोरोना देवी की मूर्ति स्थापित की थी।