मेरा ध्यान सिर्फ तैयारी पर था: रवि दहिया

 28 Aug 2021 01:29 AM

नई दिल्ली टोक्यो ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान रवि दाहिया ने शुक्रवार को यहां कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण खेलों के आयोजन से जुड़ी अनिश्चितता के बारे में सोचे बिना वह पूरा ध्यान अपनी तैयारी पर दे रहे थे। भारतीय कुश्ती महासंघ और टाटा मोटर्स के प्रायोजन करार के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में जब रवि से लॉकडाउन के दौरान तैयारियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, लॉकडाउन के दौरान मैं 15-20 पहलवानों के साथ अखाड़े में ही था और जब अभ्यास की अनुमति मिली तो मैं ओलिंपिक के बारे में सोचे बिना अपनी तैयारी कर रहा था। उन्होंने कहा कि मेरे दिमाग में बस यही था कि अगर यह ओलिंपिक (टोक्यो) नहीं भी होगा तो अगला ओलिंपिक आएगा और उससे पहले कई प्रतियोगिताओं में भाग लेना होगा। यह मेरा पहला ओलिंपिक था इसलिए मैं इसके बारे में ज्यादा चिंतित नहीं था। कोविड-19 के कारण एक साल के लिए स्थगित होने के बाद ओलिंपिक का आयोजन जुलाई- अगस्त 2021 में हुआ। रवि ने इन खेलों में 57 किलोग्राम भार वर्ग की फ्रीस्टाइल वर्ग में इतिहास में रचते हुए रजत पदक अपने नाम किया था। ऐसा करने वाले देश के दूसरे पहलवान बने। इन खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले बजरंग पूनिया ने कहा कि चोट के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ लेकिन वह आगे मजबूती से वापसी करेंगे। बजरंग ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान चोटिल होना काफी नुकसानदायक होता है। मैं ओलिंपिक से पहले चोटिल हो गया था, जिसका खामियाजा मुझे उठाना पड़ा। चोट के बाद भी मैंने अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ किया। बजरंग ने कहा कि ओलंपिक से पहले मै चोट से पूरी तरह से नहीं उबर पाया लेकिन अब खुद को ठीक करने की कोशिश कर रहा हूं। यहां आने के बाद मैंने चिकित्सकों से परामर्श ली है जिन्होंने मुझे आराम करने की सलाह दी है। दूसरी बार ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि कुश्ती के खिलाड़ियों के लिए चोट से उबरना मैट पर मुकाबला करने जैसा होता है।