विनोद कुमार से छिन सकता है ब्रॉन्ज मेडल, कुछ देशों ने उनकी क्लासिफिकेशन कैटेगरी पर आपत्ति जताई

 30 Aug 2021 02:52 AM

टोक्यो ब्रॉन्ज जीतने वाले विनोद कुमार के रिजल्ट को होल्ड पर रखा गया है। कुछ देशों ने उनके क्लासिफिकेशन कैटेगरी को लेकर आपत्ति जताई थी। जिसकी अब जांच की जा रही है। 41 साल के विनोद ने एफ-52 कैटेगरी में पैरालिंपिक में हिस्सा लिया था। इस कैटेगरी में उन एथलीट्स को शामिल किया जाता है, जिनकी मांसपेशियों में कमजोरी होती है। अंग की कमी, पैर की लंबाई असमान होती है। ऐसे खिलाड़ी व्हीलचेयर पर बैठकर कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेते हैं। पहले भी 22 अगस्त को विनोद का टेस्ट हो चुका है, जिसमें वे पास हो गए थे।

मेडल सेरेमनी भी 30 अगस्त तक होल्ड कर दी गई

गेम्स ऑर्गेनाइजर्स ने अपने बयान में कहा कि इस इवेंट के रिजल्ट का रिव्यू किया जा रहा है। इस वजह से विक्ट्री सेरेमनी को भी 30 अगस्त तक होल्ड किया गया है। भारत के मिशन प्रमुख गुरशरन सिंह ने कहा कि भारत के लिए यह मेडल अभी लागू है। जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा।

सोमवार को जानकारी दे सकते हैं ऑर्गेनाइजर्स

गुरशरन ने कहा- हमें नहीं पता कि कितने देशों ने आपत्ति जताई है। इसके बारे में गेम्स ऑर्गेनाइजर्स ने कोई जानकारी नहीं दी है। पैरालिंपिक गेम्स शुरू होने से पहले भी उनकी जांच हो चुकी है। विनोद का ब्रॉन्ज अभी भी जायज है। सोमवार को रिजल्ट डिक्लेयर किया जा सकता है।

ब्रॉन्ज के साथ एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किया

बता दें कि विनोद ने 19.91 मीटर के डिस्कस थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। यह एक एशियन रिकॉर्ड भी है। उन्होंने अपने 6 अटैम्प्ट में 17.46 मीटर, 18.32 मीटर, 17.80 मीटर, 19.12 मीटर, 19.91 मीटर और 19.81 मीटर दूर चक्का फेंका। पोलैंड के पियोटल कोसेविच ने 20.02 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड और क्रोएशिया के वेलिमिर सैंडोर ने 19.98 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता।