भाविना पटेल ने रचा इतिहास,पदक पक्का

 28 Aug 2021 01:35 AM

टोक्यो भाविनाबेन पटेल ने शुक्रवार को यहां पैरालिम्पिक के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी बनने के साथ ही टोक्यो खेलों के महिला एकल क्लास चार वर्ग में पदक पक्का कर लिया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में विश्व की पांचवी रैंकिंग की खिलाड़ी बोरिस्लावा पेरिच रांकोविच पर प्रभावशाली जीत दर्ज की। 34 साल की भारतीय खिलाड़ी ने सर्बिया की खिलाड़ी को 18 मिनट तक चले मैच में 11-5, 11-6, 11-7 शिकस्त दी। सेमीफाइनल में उनका सामना चीन की झांग मियाओ से होगा लेकिन अंतिम चार में पहुंचते ही उनका पदक पक्का हो गया। टोक्यो पैरालिंपिक टेबल टेनिस में कांस्य पदक प्ले-आफ मुकाबला नहीं होगा और सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलेगा। भारतीय पैरालिंपिक समिति की अध्यक्ष दीपा मलिक ने ट्विटर पर जारी वीडियो में कहा कि यह निश्चित है कि हम उन्हें एक पदक जीतते हुए देखेंगे। कल सुबह के मैच (सेमीफाइनल) से यह तय होगा कि वह किस रंग का पदक जीतेगी। अंतरराष्टय पैरालिंपिक समिति (आईपीसी) की संचालन समिति ने 2017 में अंतरराष्टय टेबल टेनिस महासंघ के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया था जिस में सभी पदक स्पर्धाओं में तीसरे स्थान के प्ले-आफ को हटाने और हारने वाले दोनों सेमीफाइनलिस्ट को कांस्य पदक देने की मांग की गई थी। वह इससे पहले दिन में पैरालिम्पिक क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली टेबल टेनिस खिलाड़ी बनी थी। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में ब्राजील की जॉयस डि ओलिवियरा पर 12-10, 13- 11, 11- 6 से जीत दर्ज की।

मेरा समर्थन करते रहें

भाविनाबेन ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले के बाद कहा कि मैं भारत के लोगों के समर्थन के कारण अपना क्वार्टर फाइनल मैच जीत सकी। कृपया मेरा समर्थन करते रहें ताकि मैं अपना सेमीफाइनल मैच भी जीत सकूं। इससे पहले भारत की टेबल टेनिस खिलाड़ी सोनलबेन मनुभाई पटेल दोनों ग्रुप मैच हारकर बाहर हो गई थी।

तीरंदाज राकेश तीसरे स्थान पर रहे

भारतीय कंपाउंड तीरंदाज राकेश कुमार ने कॅरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 720 में से 699 अंक बनाकर पैरालिम्पिक खेलों में पुरुषों के ओपन वर्ग के रैंकिंग दौर में तीसरा स्थान हासिल कर लिया । पुरुषों के रिकर्व ओपन वर्ग में 2019 के एशियाई पैरा चैम्पियनशिप विजेता विवेक चिकारा शीर्ष दस में रहे । राकेश ने इस साल दुबई में पहले विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट में व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण जीता था । वह दूसरे स्थान पर रहने से मामूली अंतर से चूक गए क्योंकि ईरान के रमेजान बियाबानी का स्कोर भी 699 था लेकिन बीचोंबीच अधिक तीर चलाने के कारण वह बाजी मार गए ।

पदक विजेता पोलाक डोपिंग जांच में पॉजिटिव

अंतरराष्टय साइकिलिंग संघ (यूसीआई) ने शुक्रवार को बताया कि टोक्यो पैरालिंपिक के पदक विजेता पोलैंड के मार्सिन पोलाक को डोपिंग जांच में पॉजिटिव पा ए जाने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। पोलाक का नमूना तोक्यो पैरालिंपिक के शुरू होने से तीन सप्ताह पहले पोलैंड में लिए गया था जिसकी जांच में प्रतिबंधित पदार्थ की पुष्टि हुई है। उन्होंने बुधवार को पुरुषों की बी 4,000 मीटर व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था, जिसे वापस लिया जा सकता है। वारसॉ स्थिति परीक्षण प्रयोगशाला ने बुधवार को ही उनके नमूने के पॉजिटिव आने की सूचना यूसीआई को दी थी।

पावरलिफ्टर सकीना पांचवें स्थान पर

टोक्यो। भारतीय पावरलिफ्टर सकीना खातून तोक्यो पैरालिम्पिक में महिलाओं के 50 किलोवर्ग में पांचवें स्थान पर रही । राष्टमंडल खेल 2014 की कांस्य पदक विजेता सकीना का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 93 किलो रहा । चीन की डेंडान हू ने 120 किलो उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि मिस्र की रेहाब अहमद ने रजत और ब्रिटेन की ओलिविया ब्रूम ने कांस्य पदक जीता । 32 वर्ष की खातून ने पहले प्रयास में 90 किलो वजन उठाया । दूसरे प्रयास में उन्होंने 93 किलो की कोशिश की लेकिन नाकाम रही । तीसरे प्रयास में उन्होंने 93 किलो वजन उठाया । खातून राष्टमंडल खेल में पदक जीतने वाली भारत की अकेली पैरालम्पियन हैं जिन्होंने ग्लास्गो में 2014 में यह कारनामा किया था । उन्होंने 2018 पैरा एशियाई खेलों में भी रजत पदक जीता था पावरलिफ्टंग में वे खिलाड़ी भाग लेते हैं जो पैरों या कूल्हे में विकार के साथ सामान्य (स्टैंडिंग) भारोत्तोलन में भाग नहीं ले सकते ।