SC ने ओडिशा के कई हिस्सों में जगन्नाथ रथयात्रा की मांग वाली याचिका खारिज की, CJI बोले- भगवान अगले साल इसकी इजाजत देंगे

 06 Jul 2021 03:37 PM

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज ओडिशा के कई अन्य हिस्सों में जगन्नाथ रथ यात्रा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। राज्य सरकार द्वारा सिर्फ जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा की अनुमति दी गई है। वहीं आज कोर्ट ने कहा कि आशा करते हैं कि भगवान अगले साल रथयात्रा की इजाजत देंगे। कोर्ट ने पाबंदियों के साथ पुरी में रथयात्रा के सरकार के आदेश को सही बताया। बाकी हिस्सों में सिर्फ मंदिर के भीतर पूजा की अनुमति है। मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस ने कहा कि मैं भी पुरी जाना चाहता हूं। आशा है अगले साल भगवान सभी रस्म पूरा करने की अनुमति देंगे। कोर्ट में दायर याचिकाओं में बारीपदा, सासांग और ओडिशा के अन्य शहरों में रथ यात्रा की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से रथ यात्रा निकालने की मंजूरी नहीं मिली।

 

चीफ जस्टिस बोले डेढ़ साल से नहीं गया पुरी

सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भगवान हमें अगले साल इन अनुष्ठानों की अनुमति देंगे। चीफ जस्टिस एन वी रमन्ना ने याचिकाकर्ता से कहा, 'आप भगवान से प्रार्थना करना चाहते हैं। आप इसे घर से कर सकते हैं। मैं भी पुरी जाना चाहता था, लेकिन मैं पिछले डेढ़ साल में नहीं जा सका। सरकार ने पुरी को छोड़कर अन्य जगहों पर रथ यात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी है। इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुझाव दिया था कि लोगों की संख्या को सीमित कर और प्रतिबंधों के साथ यात्राओं की अनुमति दी जा सकती है।


शहर में लगाया जाएगा कर्फ्यू
पुरी के डीएम समर्थ वर्मा ने कहा कि प्रशासन ने अपने फैसले की समीक्षा की है और रथयात्रा का दृश्य घरों एवं होटलों की छतों से देखने पर भी पाबंदी लगा दी गयी है। उन्होंने कहा कि 12 जुलाई को होने वाले इस उत्सव से एक दिन पहले पुरी शहर में कर्फ्यू लगाया जाएगा जो अगले दिन दोपहर तक प्रभाव में रहेगा। उन्होंने बताया कि भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ का यह उत्सव कोरोना के चलते लगातार दूसरे वर्ष बिना श्रद्धालुओं की भागीदारी के मनाया जा रहा है। उन्होंने शहर के लोगों से टेलीविजन पर इस उत्सव का सीधा प्रसारण देखने की अपील की।