हरियाली तीज आज: सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए रखेंगी निर्जला व्रत, करेंगी सोलह श्रंगार

 11 Aug 2021 04:23 PM

नई दिल्ली। आज हरियाली तीज है। पंचांग के अनुसार श्रावण शुक्ल की तृतीया तिथि को हरियाली तीज के नाम से जाना जाता है। भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती को समर्पित हरियाली तीज के मौके पर व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत करती हैं। वहीं कुवांरी लड़कियों के लिए भी ये व्रत खास है। मान्‍यता है कि कुवांरी लड़कियां अगर इस व्रत को रखें, तो उन्हें भगवान शिव जैसा पति मिलता है। इस दिन महिलाएं हरे रंग की साड़ी और चूड़ियों के साथ सजती-संवरती हैं। साथ ही महिलाएं घर के आंगन में झूला डालकर सावन और तीज के गीत गाती हैं।


क्या है मान्यता
हरियाली तीज के दिन माता पार्वती ने कठिन तपस्या को पूरा करके भगवान शंकर को पाया था। हरियाली तीज को माता पार्वती और भगवान शिव के मिलन के दिन के तौर पर भी देखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं सोलह श्रंगार कर हाथों में हरे रंग की चूड़ियां पहनती हैं।

मेहंदी लगाने की परंपरा
हरियाली तीज के दिन महिलाएं मेहंदी लगाती हैं। ऐसा माना जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को मनाने के लिए अपने हाथों में मेहंदी लगाई थी। जिसके बाद माता पार्वती के हाथों में लगी मेहंदी को देखकर भगवान शिव काफी प्रसन्न हुए थे और उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया था।

मेहंदी के औषधीय गुण
मेहंदी केवल हाथों को सजाने के लिए नहीं होती है। बल्कि इसमें औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। मेहंदी को सिर, पंजो, हथेली और तलवों में लगाने से शीतलता महसूस होती है। इससे महिलाएं शांत रहती हैं। उनका चिड़चिड़ापन दूर होता है और परिवार में प्रेम-सौहार्द बढ़ता है। आध्यात्मिक मान्यता है कि मेहंदी लगाने से बुध और शुक्र ग्रह भी बलवान होता है।


शुभ मुहूर्त
हरियाली तीज का व्रत विधि पूर्वक करना चाहिए, तभी इस व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इस व्रत की पूजा में शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पंचांग के अनुसार हरियाली तीज का पर्व 11 अगस्त 2021, बुधवार के दिन मनाया जाएगा। लेकिन तृतीया की तिथि 10 अगस्त, मंगलवार की शाम 06 बजकर 11 मिनट से ही आरंभ हो जाएगी। तृतीया तिथि 11 अगस्त 2021, बुधवार को शाम 04 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी।


पूजा की विधि

  • हरियाली तीज के लिए महिलाएं प्रात: काल उठकर स्नान करती हैं। 
  • जिसके बाद स्वच्छ और साफ कपड़े पहने जाते हैं। 
  • ज्यादातर जगहों पर इस दिन मायके से आए हुए कपड़े पहनने की परंपरा है। 
  • इसके बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। 
  • हरियाली तीज पर सोलह श्रृंगार का भी विशेष महत्व होता है।
  • इस दिन घर की साफ-सफाई कर अच्छे से सजाना चाहिए।
  • पूजा शुरू करने से पहले एक चौकी पर मिट्टी में गंगा जल मिलाकर शिवलिंग, भगवान गणेश, माता पार्वती की प्रतिमा बनाई जाती है।
  • इसके बाद एक थाली में सुहाग की सामग्री जिसमें बिंदी, सिंदूर, चूड़ी, मेहंदी, नेल पॉलिश, अक्षत, धूप, दीप, गंधक आदि सजाकर अर्पित किया जाता है।
  •  इसके अलावा भगवान शिव को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाना चाहिए।
  •  भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करनी चाहिए।