सावन का पहला सोमवार आज: महाकाल मंदिर में सुबह 3 बजे की गई भस्म आरती, काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए रात से ही लगी लाइन

 26 Jul 2021 03:51 PM

नई दिल्ली। रविवार से सावन माह शुरू हो चुका है। आज सावन के पहले सोमवार को देश भर के मंदिरों में धूम है। महादेव की झांकी और दर्शन के लिए लंबी कतारें हैं। देश के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में कल रात से ही भक्तों की लाइनें लगना शुरू हो गई थीं। उज्जैन के महाकाल और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के अलावा  मंदसौर के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में कोरोना के चलते पाबंदियां लागू की गई हैं। महाकाल और ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग के बाद टोकन लेना पड़ रहा है। पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से दर्शन कर पा रहे हैं। मंदिरों में प्रवेश के लिए मास्क और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट अनिवार्य है। संक्रमण के कारण शिवभक्तों को पाबंदियों के साथ बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन, पूजन और जलाभिषेक करने को मिल रहा है।

 

 

उज्जैन: महाकाल मंदिर

आज सुबह 3 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती हुई। आरती में आम श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिला। भस्म आरती के दौरान सिर्फ पंडे-पुजारी ही गर्भगृह में रहे। बाबा महाकाल का भांग और चंदन से श्रंगार किया गया। आज, 02 अगस्त, 09 अगस्त, 16 अगस्त, 23 अगस्त, 30 अगस्त और 06 सितंबर 2021 को महाकाल भगवान के दर्शन सुबह 6 बजे से 11 बजे तक प्री बुकिंग के माध्यम से ही होंगे।

 

 

इस अवधि में 250 रुपए वाले शीघ्र दर्शन के काउंटर बंद रहेंगे। आज के अतिरिक्त 27 जुलाई से 05 सितंबर तक प्री बुकिंग स्लॉट में दर्शनार्थियों की संख्या 3500 से बढ़ाकर 5000 की गई है। लाइव दर्शन की व्यवस्था मंदिर प्रबंध समिति ने www.mahakaleshwar.nic.in एवं फेसबुक पेज पर भगवान की आरती और दिन भर दर्शन के साथ सवारी का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

 

 

15 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर उमड़ी भक्तों की भीड़ देखकर सबके लिए प्रवेश सुबह 11 बजे तक के लिए फ्री कर दिया गया है। 11 बजे के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया है। शाम 4 बजे महाकाल की सवारी निकलेगी, जो वापस मंदिर 6 बजे आएगी। शाम 7 से 9 बजे तक श्रद्धालु फिर से दर्शन कर सकेंगे। महामारी के कारण सावन महीने में प्री बुकिंग पर सिर्फ 5,000 लोगों को प्रवेश देना तय हुआ था, लेकिन आज सुबह 11 बजे तक 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालु महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी महाकाल दर्शन के लिए पहुंचेंगे।

 

 

मंदसौर: पशुपतिनाथ मंदिर

महामारी के कारण मंदिर में इस वर्ष भी धार्मिक आयोजन नहीं हो रहे हैं। भक्त गर्भगृह के बाहर से ही भगवान के दर्शन कर पा रहे हैं। पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति सचिव एवं SDM बिहारी सिंह ने बताया तीसरे शनिवार की शाही पालकी व अंतिम सोमवार की शाही सवारी प्रतीकात्मक रूप से ही निकाली जाएगी। मुख्य द्वार पर भीड़ नियंत्रित की जाएगी। एक समय में पांच-दस लोगों को प्रवेश देंगे। भगवान की पूजा व अभिषेक मंदिर के पुजारी करेंगे। सावन में जलाभिषेक की व्यवस्था बंद रहेगी।

 

श्री पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर, 56 भोग दर्शन

 

वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर

सावन के पहले सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन करने के लिए रात से भक्त कतारबद्ध होने लगे थे। शिवभक्तों के जयकारों से मंदिर के आसपास का क्षेत्र गुलजार हो उठा हे। कोरोना संक्रमण के कारण शिवभक्तों को पाबंदियों के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन, पूजन और जलाभिषेक करने को मिल रहा है। हर साल की तरह सावन में भक्तों को बाबा के झांकी दर्शन होंगे।

भक्त न तो काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर पा रह हैं और ना ही स्पर्श दर्शन। बाबा का जलाभिषेक भी गर्भगृह के बाहर लगे अरघे से ही हो रहा है। भक्तों को श्री काशी विश्वनाथ का झांकी दर्शन ही मिल रहा है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश वर्जित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन करने में असुविधा न हो। भीड़ को देखते हुए आगे निर्णय लिया जाएगा। पिछले साल की तरह ही गर्भगृह के बाहर लगे अरघे में श्रद्धालु गंगाजल डालकर बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं।