23 साल बाद पाकिस्तान की जेल से लौटे प्रह्लाद, यातनाएं इतनी मिलीं कि सुध-बुध खो बैठे

 31 Aug 2021 12:25 PM

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के प्रह्लाद सिंह राजपूत पाकिस्तान की जेल से 23 साल बाद रिहा होकर स्वदेश लौट आए। सोमवार को वे घर पहुंचे तो परिजन की आंखों छलक उठीं। पाक में प्रह्लाद ने सिर्फ कारावास ही नहीं, अत्याचार भी खूब सहे। छोटी-सी गलती के लिए उन्हें जेल में इतना पीटा जाता रहा कि वह सुध-बुध खो बैठे। फिलहाल, वह बात करने की स्थिति में नहीं हैं।

दरअसल, मानसिक रूप से परेशान प्रह्लाद 23 साल पहले गलती से पाकिस्तान चले गए थे। अब वे 56 साल के हो गए हैं। पाक से मिली रिहाई के बाद सोमवार शाम साढ़े चार बजे अंतरराष्ट्रीय अटारी सीमा पर पाक रेंजर्स ने प्रह्लाद को बीएसएफ के हवाले किया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बीएसएफ ने मध्य प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस उन्हें लेकर ग़ह ग्राम बिजोरा पंचायत के एक छोटे से गांव घोसी पट्टी लेकर आई। अटारी बॉर्डर पर अपने भाई वीर सिंह को देखकर वह उन्हें पहचान नहीं पाए। जब वीर सिंह ने उन्हें 'बड़े भइया मैं छोटा भाई वीर सिंह' कहा तो प्रह्लाद के चेहरे पर चमक आ गई। 

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33 साल की उम्र में 1999 में लापता हो गए थे
छोटे भाई वीर सिंह महाराष्ट्र में पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 33 साल की उम्र में साल 1999 में प्रह्लाद घर से लापता हो गए थे। वह पहले भी कई बार घर से जा चुके थे, लेकिन कुछ घंटों में लौट आते थे। साल 1999 में जब वे घर से निकले तो फिर लौटे नहीं। मां गुलाब रानी बड़े बेटे को देखने के लिए तरसती रहीं। साल 2016 में उनकी मौत भी हो गई।

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