यौन उत्पीड़न की मंशा के बगैर बच्ची का गाल छूना अपराध नहीं: हाईकोर्ट

 30 Aug 2021 02:37 AM

मुंबई बंबई हाईकोर्ट ने 8 साल की बच्ची के यौन शोषण के आरोपी 46 वर्षीय व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा, यौन उत्पीड़न की मंशा के बगैर किसी बच्चे के गाल छूना अपराध नहीं है। न्यायमूर्ति संदीप शिंदे की एकल पीठ ने पड़ोसी ठाणे जिले में रबोडी पुलिस द्वारा जुलाई 2020 में अरेस्ट किए गए आरोपी मो. अहमद उल्ला को को जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने कहा, मेरी राय में यौन उत्पीड़न की मंशा के बिना किसी के गाल छूना बाल यौन अपराध संरक्षण कानून की धारा सात के तहत परिभाषित यौन शोषण के अपराध के दायरे में नहीं आता है। रिकॉर्ड में उपलब्ध दस्तावेजों के प्राथमिक मूल्यांकन से यह नहीं लगता कि याचिकाकर्ता ने यौन शोषण की मंशा से पीड़ित के गाल छूए। बता दें कि न्यायमूर्ति शिंदे ने आदेश में स्पष्ट किया कि उनके द्वारा की गई टिप्पणी को इस मामले में जमानत के लिए दी गई राय ही समझा जाए और इसका अन्य मामलों में सुनवाई पर किसी तरह का असर नहीं पड़े।