पंजाब: लाठीचार्ज के विरोध में कहीं जाम तो कहीं जलाई अर्थी

 30 Aug 2021 03:17 AM

चंडीगढ़ हरियाणा के करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में पूरे पंजाब में किसान सड़क पर उतरे। किसानों ने राजमार्ग व लिंक सड़कों को जाम कर दिया। इस दौरान किसानों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बठिंडा में किसानों ने चंडीगढ़ हाईवे जाम किया। उधर, गोबिंदगढ़ में भी किसानों ने हाईवे को जाम किया। सुनाम में हरियाणा व पंजाब सरकार के खिलाफ किसानों ने अर्थी फूंकी व चक्काजाम किया। लुधियाना- बठिंडा राज्य मार्ग पर रकबा टोल के पास किसान धरने पर बैठे। वहीं, किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने अमृतसर के भंडारी पुल पर 2 घंटे तक सड़क जाम किया। कमोबेश यही हाल पूरे प्रदेश का रहा। लुधियाना में दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक किसान यूनियन ने हाईवे जाम कर दिया। लुधियाना के लाडूवाल स्थित टोल प्लाजा पर किसान नेताओं ने दोनों तरफ बैरिकेड लगाकर यातायात पूरी तरह से ठप कर दिया। इस दौरान किसान नेताओं ने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

हरियाणा सरकार का पुतला फूंका गया

रायकोट में भी किसानों ने लाठीचार्ज के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सीटू कार्यकर्ताओं ने रायकोट की सब्जी मंडी में जमा होकर हरियाणा की सरकार का पुतला फूंका। सीटू के राज्य सचिव कामरेड दलजीत कुमार गोरा तहसील, सचिव राज जसवंत सिंह तलवंडी ने करनाल के एसडीएम द्वारा किसानों का सर फोड़ देने का निर्देश देने को सरकार की नीयत और नीति करार दिया।

जालंधर: किसानों ने 2 घंटे किया चक्काजाम

जालंधर में किसानों ने पीएपी चौक पर 2 घंटे जाम लगाया। यह जाम भारतीय किसान यूनियन राजेवाल व संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से लगाया गया। इस दौरान अमृतसर व लुधियाना को जाने वाले सभी रास्ते बंद रहे। जिसकी वजह से दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान केंद्र सरकार मुर्दाबाद के नारे लगे।

हम खालिस्तानी हैं, तो देश पर सरकारी तालिबानियों का हो चुका है कब्जा: राकेश टिकैत

हरियाणा के नूंह में आयोजित किसान महापंचायत में भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा- सरकार ने हमें खालिस्तानी कहा है। अगर हम खालिस्तानी हैं? तो यहां सरकारी तालिबानियों का देश पर कब्जा हो चुका है। उनका पहला कमांडर आईएस के रूप में देश को मिल गया है। टिकैत ने कहा, कल एक अफसर ने पुलिसकर्मियों को किसानों के सिर फोड़ने का आदेश दिया। वे हमें खालिस्तानी कहते हैं।

आक्रोश: करनाल में लाठीचार्ज के बाद एक किसान की मौत, सफाई देती दिखी पुलिस, कहा- हार्ट अटैक आया

करनाल। करनाल में हुए लाठीचार्ज के बाद एक किसान की मौत हो जाने के बाद किसानों में आक्रोश है। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने दावा किया था कि पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में किसान की मौत हो गई। किसान का नाम सुशील काजल है। वहीं इस आरोप के बाद पुलिस ने अपना दामन बचाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। करनाल के एसपी गंगा राम पुनिया ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि किसान की मौत हार्ट अटैक से हुई है।