रिसर्च में खुलासा: बच्चों में लॉन्ग कोविड के लक्षण होते हैं दुर्लभ, 8 हफ्ते के अंदर हो जाएंगे ठीक

 08 Aug 2021 12:31 PM

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से संक्रमित बच्चों को लेकर हाल ही में एक रिसर्च हुई है। जिसमें पाया गया कि बच्चों में लॉन्ग कोविड के लक्षण दुर्लभ होते हैं। किंग्स कॉलेज लंदन की रिसर्च में बताया गया है कि कोरोना से जूझने वाले ज्यादातर संक्रमित बच्चे हफ्तेभर में ठीक हो जाते हैं। सिर्फ कुछ ही बच्चों में लॉन्ग कोविड के लक्षण दिखाई देते हैं।

 

क्या कहती है रिसर्च

रिसर्चर्स का कहना है, ‘हर 20 में से 1 से भी कम बच्चे में कोविड के लक्षण लंबे समय के लिए दिख सकते हैं। ये लक्षण 4 हफ्ते से अधिक समय के लिए दिखते हैं और 8 हफ्तों के अंदर बच्चा पूरी तरह से रिकवर हो जाता है। बच्चों में दिखने वाले सबसे कॉमन लक्षणों में सिरदर्द, थकान, गले में खराश और गंध की पहचान न कर पाना शामिल है।’

चाइल्ड एंड अडोलेसेंट हेल्थ जर्नल में पब्लिश रिसर्च कहती है कि कोविड-19 से संक्रमित करीब 4.4 फीसदी बच्चों में ही एक महीने से अधिक समय तक लॉन्ग कोविड के लक्षण दिखाई दिए।

 

5 से 17 के बच्चों पर हुई स्टडी

यह रिसर्च कोविड एप ‘जो’ की मदद से तैयार की गई है, जिसे पेरेंट्स और बच्चों की देखरेख करने वाले इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए एप में मौजूद 5 से 17 साल तक के करीब 2.5 लाख से अधिक बच्चों का हेल्थ डाटा इकट्ठा किया गया। सितंबर 2020 से फरवरी 2021 के बीच रिसर्च के दौरान इनमें से 7 हजार बच्चों में कोविड के लक्षण दिख रहे थे।

इनमें से 1,734 बच्चे ऐसे थे, जिनके कोरोना से संक्रमित होने और पूरी तरह से ठीक होने के समय का पता चल पाया। जिसमें से 5-11 साल के बच्चों को कोरोना को मात देने में 5 दिन लगे। वहीं, 12 से 17 साल के बच्चे को रिकवर होने में 7 दिन लगे। इनमें से बहुत कम ऐसे बच्चे थे जिनमें कोरोना के लक्षण 4 हफ्तों तक दिखे।

 

बच्चों में लॉन्ग कोविड के मामले दुर्लभ होते हैं- प्रोफेसर डंकन

किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर एम्मा डंकन ने एक बयान में कहा, "ये आश्वस्त करने वाला है कि लंबे समय तक कोविड-19 के लक्षणों का अनुभव करने वाले बच्चों की संख्या कम है। फिर भी, बच्चों की मामूली संख्या कोविड-19 से लंबी बीमारी का सामना करती है, रिसर्च बच्चों और उनके परिजनों के अनुभव की पुष्टि करती है।"

किंग्स कॉलेज के प्रोफेसर एम्मा डंकन का कहना है, संक्रमण के बाद बच्चों में दिमाग से जुड़ी कोई समस्या जैसे दौरे पड़ना, बेचैनी नहीं देखी गई है। इससे साबित होता है कि बच्चों में लॉन्ग कोविड के मामले दुर्लभ होते हैं।