पोस्ट कोविड परेशानियों में अब मनोरोग भी एक बड़ी समस्या, जानें क्या हैं लक्षण और कैसे पाया जा सकता है काबू

 13 Jun 2021 10:38 AM

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीरे-धीरे कम होती जा रही है। कोरोना के डेली मामलों में गिरावट के साथ ही अब मौतों का आंकड़ा भी घट रहा है। वही रोज लाखों लोग संक्रमण से रिकवर हो रहे हैं। इसी बीच डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा है। ऐसे में लोग संक्रमण से रिकवर होने के बाद भी मनोरोग से ग्रसित हो रहे हैं। इनमें कुछ की हालत इतनी गंभीर होती जा रही है कि उन्हें अस्पताल में तक भर्ती कराना पड़ रहा है।

 

रोजाना आ रहे करीब 50 रोगी

दिल्ली के मानव व्यवहार व संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) के निदेशक डॉक्टर निमीष देसाई ने बताया कि पोस्ट कोविड परेशानियों में अब मनोरोग भी एक बड़ी समस्या बन गई है। उनके यहां रोजाना औसतन 600 से 700 मरीजों को ओपीडी में देखा जा रहा है। इनमें से करीब 50 रोगी ऐसे आ रहे हैं जो कोरोना से संक्रमित हुए थे और अब वह मानसिक समस्याओं से पीड़ित हैं। मरीज को नींद न आना, घबराहट, चिंता, ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (एक ही काम को बार-बार दोहराना) तनाव और घबराहट आदि लक्षण हो रहे हैं। इनमें से कई रोगियों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है।

 

दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर डाल रहा कोरोना

डॉक्टरों के मुताबिक उनके पास करीब 50-60 प्रतिशत ऐसे मामले आ रहे हैं जहां लोग अकेलापन, घबराहट, नींद न आना और एकाग्रता की कमी महसूस कर रहे हैं। कई अध्ययन में पता चला है कि कुछ मामलों में कोरोना वायरस ने व्यक्ति के दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर डाला है। यह वायरस मस्तिष्क को भी प्रभावित कर रहा है। इससे मनोरोग संबंधी बीमारियां हो रही हैं।

 

तनाव और घबराहट हो रही

डॉक्टरों के मुताबिक अधिकतर रोगियों में सबसे आम समस्या तनाव और घबराहट की देखी जा रही है। यह इसलिए भी हो रहा है कि कोरोना की वजह से अनिश्चितता का माहौल है। रोज नए आंकडे़ आते हैं, नए मामले सामने आ रहे हैं और अभी तक इसका कोई पुख्ता इलाज भी सामने नहीं आया है तो लोगों के मन में दहशत बैठ गई है।

 

ऐसे पाया जा सकता है काबू

एक्सपर्ट बताते हैं कि मनोरोग होने का सबसे बड़ा कारण मस्तिष्क में रसायनों की गड़बड़ी है। इससे बचने के दो तरीके हैं। पहला यह कि इन समस्याओं को शरीर में आने ही न दें। इसके लिए जरूरी है कि समय पर पूरी नींद लें। योग और प्राणायाम का भी सहारा लेना चाहिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भरोसा न करें।

ये हैं लक्षण

  • नींद न आना
  • घबराहट
  • भविष्य की चिंता
  • एक ही कार्य को बार-बार करना
  • पैनिक अटैक
  • तनाव
  • अवसाद