निरोगी रहने के लिए डाइट में शामिल करें ‘रागी’, यहां पढ़ें इसके फायदे

 20 Aug 2021 02:55 PM

नई दिल्ली। कैल्शियम, विटामिन्स, फाइबर, कार्बोहाइड्रेड जैसे कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर रागी (Ragi) को बाजरा, फिंगर या नचनी के नाम से भी जाना जाता है। इसे अपनी डाइट में शामिल करने के काफी फायदे हैं। आम तौर पर इसे पीसकर या अंकुरित कर खाते हैं। कई लोग इसकी रोटी बनाकर खाते हैं। इसकी इडली भी बनाई जाती है। गेहूं और चावल के मुकाबले पॉलीफेनोल और डाइटरी फाइबर रागी में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। रागी के दाने बहुत ही छोटे होते हैं, इसमें मिलावट की भी संभावना नहीं रहती है। ऐसे में निरोगी रहने के लिए रागी का सेवन जरूर करना चाहिए।

रागी के फायदे

कैल्शियम से भरपूर

रागी के आटे में किसी भी अनाज की तुलना में सबसे अधिक कैल्शियम पाया जाता है। यह एकमात्र ऐसा नॉन-डेयरी प्रोडक्ट है जिसमें इतनी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। अगर कोई हड्डी की समस्‍या से जूझ रहा है तो इसके नियमित उपयोग से उसकी हड्डियां और दांत मजबूत हो सकते हैं। इसके अलावा ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम में भी यह बहुत ही उपयोगी है।

डायबिटीज नियंत्रण में सहायक

रागी का सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद है। गेंहू या चावल के आटे की तुलना में रागी में पॉलिफेनॉल्स और फाइबर की मात्रा अधिक होती है और इसका ग्लाइसिमिक इंडेक्स भी कम होता है। ये ग्‍लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है।

तनाव घटाने में सहायक

रागी में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सिडेंट होते हैं जो तनाव कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा एंग्जायटी, डिप्रेशन और अनिद्रा से निपटने में भी रागी का नियमित सेवन बहुत फायदेमंद साबित होता है।

वजन घटाने में मददगार

रागी का सेवन वजन घटाने में भी मददगार साबित होता है। इसमें फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है। इसे खाने के बाद पेट भरा रहता है। ये भूख को कम करता है और वजन घटाने में भी मदद करता है।

एनिमिया में भी है फायदेमंद

रागी आयरन का अच्छा सोर्स होता है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को खून की कमी है तो उनके लिए यह लाभदायक होता है। अगर रागी को अंकुरित करके खाया जाए तो इसमें विटामिन सी का लेवल भी बढ़ जाता है।