International Dog Day: इंसानों के सबसे अच्छे दोस्त हैं डॉग, यहां जानें उनसे जुड़े कुछ रोचक तथ्य

 26 Aug 2021 04:51 PM

नई दिल्ली। इंसानों और जानवरों के बीच प्यार के आपने कई किस्से सुने होंगे। आचार्य चाणक्य ने भी बताया है कि इंसान चाहे तो जानवरों से अच्छी सीख ले सकता है। इन जानवरों में कुत्तों को इंसानों का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। जब भी वफादारी की बात आती है तो लोगों के मन में सिर्फ एक ही जीव का ध्यान आता है और वो है, कुत्ता। इसे लेकर 1789 में प्रशिया के राजा फ्रेडरिक ने कहा था कि ‘‘इस स्वार्थी दुनिया में इंसान के पास एकमात्र सबसे अच्छा दोस्त डॉग है, जो उसे कभी धोखा नहीं देगा।’’ तब से ही यह मुहावरा ‘‘कुत्ता ही आदमी का सबसे अच्छा दोस्त है’’ इस्तेमाल किया जाने लगा। रेस्क्यू सेंटर में कुत्तों की संख्या के प्रति जागरूक करना, लोगों को इन्हे गोद लेने के लिए प्रेरित करना और इनके महत्व को बताने के लिए हर साल 26 अगस्त को इंटरनेशनल डॉग डे मनाया जाता है।

 

कैसे हुई इस दिन की शुरुआत

26 अगस्त को नेशनल डॉग डे की शुरुआत अमेरिका में साल 2004 में एनिमल वेलफेयर एडवोकेट और पेट लाइफस्टाइल एक्सपर्ट कॉलीन पेज ने की थी। उन्होंने 10 साल की उम्र में 26 अगस्त को पहले कुत्ते को गोद लिया था। इसके बाद ही उन्होंने इसे इंटरनेशनल डॉग डे के रूप में मनाना प्रारंभ कर दिया था परंतु 2013 में इसे मान्यता मिली।

डॉग से जुड़ी कुछ जरूरी बातें

  • कुत्ता भावनाओं को भी सूंघने की क्षमता रखता है। कुत्ता गंध में हो रहे छोटे से छोटे बदलावों को भी पकड़ सकता है। जो उसे ये पता लगाने में मदद करती हैं कि आप कैसा फील कर रहे हैं। जैसे कुत्ते अपनी इस क्षमता के कारण कुछ बीमारियों का भी पता लगा सकते हैं।
  • कुत्ते इंसानों की तरह अलग-अलग समय में सांस अंदर-बाहर नहीं करते, बल्कि वे एक ही समय में अपनी सांस छोड़ते और लेते हैं।
  • कुत्तों को समय की भी समझ होती है। घर के किसी सदस्य के चले जाने पर वो उसे याद करते रहते हैं। कुत्ते हमारी आदतों और लाइफस्टाइल को भी समझते और गौर करते हैं।
  • कुत्तों की दोनों आंख में तीन पलकें होती हैं इसकी तीसरी पलक को निक्टिटेटिंग मेम्ब्रेन भी कहा जाता है यह उसकी आंखों को सुरक्षा प्रदान करती है।
  • कुत्तों की मूछें उसे अंधेरे में देखने में मदद करती हैं। ये मूछें हवा में हो रहे सूक्ष्म बदलावों को तुरंत पकड़ लेती हैं। जो कुत्ते को पास की चीज़ों के आकार और गति के बारे में जानकारी प्रदान करती हैं।
  • अधिकतर कुत्तों में प्राकृतिक रूप से तैराकी का गुण पाया जाता है।
  • कुत्तों के पंजों में केवल पसीने की ग्रंथियां होती हैं। जो पंजों के बीच में पाए जाते हैं। यही वजह है कि ज्यादा गर्मी होने पर ये अपने पैरों के निचले हिस्से को गीला करने में मदद कर सकता है।
  • कुत्ते को हिन्दू देवता भैरव महाराज का सेवक माना जाता है। हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष में कुत्तों को मीठी रोटी खिलाई जाती है।

अंतरिक्ष में जाने वाला पहला कुत्ता

आज से करीब 62 साल पहले यानी तीन नवंबर, 1957 को सोवियत संघ ने स्पुतनिक 2 नाम का अंतरिक्षयान भेजा। असल में स्पुतनिक 1 की कामयाबी के बाद सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव ने अपने वैज्ञानिकों को एक महीने में एक कुत्ते को अंतरिक्षयान के साथ भेजने का निर्देश दिया था। स्पुतनिक पर लाइका नाम की एक कुतिया को सवार किया गया था।

लंदन के साइंस म्यूजियम के डग मिलार्ड ने बताया कि लाइका के लिए अंतरिक्ष की ये उड़ान वन-वे थी। जब स्पुतनिक 2 अंतरिक्ष में पहुंच गया तो सोवियत संघ ने दुनिया को इसकी कामयाबी को बढ़ा-चढ़ाकर बताया। ये बताया गया कि लाइका ने अंतरिक्ष में एक हफ्ते मजे में बिताए। ये बात तो 2002 में सामने आई कि लाइका की तो अंतरिक्ष में पहुंचने के सात घंटे के भीतर ही घबराहट और गर्मी से मौत हो गई थी। सोवियत संघ के लिए स्पुतनिक 2 मिशन इंटरनेशनल स्तर पर बड़ी कामयाबी थी। लाइका पूरे देश में हीरो बन गई।