विशेषज्ञों का दावा: दाढ़ी रखने वाले आ सकते हैं कोरोना की चपेट में, जानें कैसे

 12 Jun 2021 04:16 PM

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है। कोरोना के डेली आंकड़े भी इस बात की तस्दीक करते हैं। शुक्रवार को देश में करीब 84 हजार नए केस मिले वहीं 1.21 लाख लोग ठीक भी हुए। देश में लगभग सभी राज्यों में कोरोना कर्फ्यू में ढील दी गई है। इसी बीच कोरोना संक्रमण को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि दाढ़ी रखने वालों में कोरोना का खतरा बढ़ सकता है।

 

कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद से ही कई लोग लगातार बाल और दाढ़ी बढ़ाते जा रहें हैं। संक्रमण के डर से वह नाई की दुकान पर जाने से बच रहे हैं। वहीं कई लोग शौकिया तौर पर ही दाढ़ी बढ़ा रहे हैं। ऐसे में दाढ़ी बढ़ाने वालों लोगों को विशेषज्ञों ने चेताया है। उन्होंने बताया कि दाढ़ी रखने से कोरोना का खतरा बढ़ जाता है।

 

दाढ़ी के जरिए फैल सकता कोरोना

  • अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्माटोलॉजी के सदस्य डॉ. एंथनी एम रोसी का कहना है कि दाढ़ी के जरिए भी कोरोना फैल सकता है। इसका मतलब है कि सिर्फ मास्क पहनने से कोरोना से बचाव नहीं हो सकता।
  • उनका कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मास्क पहनने पर काफी जोर दिया जा रहा है। लोग भी बिना मास्क के घरों से बाहर नहीं निकलते हैं। जो लोग दाढ़ी रखने के शौकीन हैं, उन्हें मास्क लगाने से पूरी सुरक्षा नहीं मिल सकती।
  • दाढ़ी रखने वाले लोगों का चेहरा मास्क लगाने पर पूरी तरह से कवर नहीं हो पाता। ऐसे में उनमें कोरोना संक्रमण होने की संभावना रहती है।
  • उनकी चेतावनी से स्पष्ट होता है कि अगर आपकी दाढ़ी लंबी है, घनी है तो मास्क लगाने के दौरान चेहरा पूरी तरह कवर नहीं होगा।
  • ऐसे में लोगों से बात करते वक्त या बाहर घूमते वक्त मास्क के किनारों से कोरोना वायरस संक्रमित कर सकता है।
  • सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का मानना है कि चेहरे पर बाल जितने कम होंगे, मास्क उतनी ही अच्छी तरह से फिट होगा।
  • ठीक ढंग से फिट होने पर मास्क हवा से फैलने वाली बहुत सी बीमारियों से बचा सकता है।
  • एजेंसी फॉर टॉक्सिक सब्सटेंस एज एंड डिजीज रजिस्ट्री के पूर्व चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रॉबर्ट अमलेर का कहना है कि ज्यादातर लोगों को मास्क पहनना नहीं आता है।
  • अगर दाढ़ी या मूंछों के साथ मास्क लगाया जाए तो रेस्पिरेटर सील से लीकेज का खतरा काफी बढ़ जाता है।

 

 

कैसे फैलता है वायरस

कोई भी वायरस नाक के जरिए श्वसन नली से होते हुए शरीर में पहुंचता है। इसके बाद फेफड़ों से होते हुए पूरे शरीर में फैल जाता है। वहीं, मास्क पहनने पर मास्क की परतें हवा के लिए फिल्टर का काम करती हैं। इससे हवा फिल्टर होकर नाक के भीतर पहुंचती है। यह ज्यादा साफ होती है। मास्क की खासियत होती है कि इसमें लीकेज नहीं होता है, यानी सांस लेते वक्त किनारों से हवा अंदर नहीं जा सकती है। इससे वायरस नाक से होकर अंदर नहीं जा सकते। लेकिन दाढ़ी होने पर वायरस को अंदर जाने का रास्ता मिल जाता है।