स्टडी में दावा: आंसुओं से भी फैल सकता है कोरोना वायरस, एक्सपर्ट्स ने दी सावधान रहने की सलाह

 25 Aug 2021 05:32 PM

नई दिल्ली। दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस का वजह से कई लोगों के परिवार उजड़ गए। वहीं हर रोज इस वायरस को लेकर कुछ न कुछ ऐसा सामने आ जाता है जो सबको सकते में डाल देता है। इसके नए वैरिएंट्स से सुरक्षा और संक्रमण के संभावित खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को सुरक्षा के पर्याप्त उपाय करने की सलाह देते हैं। हाल ही में एक अध्ययन में दावा किया गया है कि संक्रमित व्यक्ति के आंसू से भी अन्य लोगों में कोरोना का संक्रमण हो सकता है।

अमृतसर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया है कि संक्रमित व्यक्ति के आंसू में वायरस को प्रसारित करने की क्षमता हो सकती है। लोगों को इससे भी सावधान रहने की आवश्यकता है।

आंसू के माध्यम से संक्रमण का खतरा

कोरोना के फैलने की सबसे बड़ी वजह हमेशा से ही ड्रॉपलेट्स यानी तरल पदार्थों को ही बताया गया है। हाल ही में हुए दो अध्ययनों में आंसू को कोविड संक्रमण का वाहक बताया गया है। कोरोना वायरस के फैलने के तरीकों को लेकर की गई जांच में पाया गया कि 17.5 प्रतिशत लोगों में संक्रमण आंसुओं के जरिए ही फैला था। वहीं इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि कोरोना के वायरस आंखों में भी मौजूद हो सकते हैं, जो आंसू के माध्यम से अन्य लोगों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इन अध्ययनों को लेकर अब सरकार ने लोगों को सावधान रहने के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इस तरह फैलने वाले वायरस से सबसे ज्यादा खतरा ऑप्टिशियन, हेयर सलून और ब्यूटी पार्लर में काम करने वाले लोगों को है।

आंसू से कैसे फैलता है संक्रमण?

कोरोना वायरस आंखों से ठीक उसी तरह फैलता है जिस तरह सांस के ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आंख के सफेद हिस्से औऱ पलक के अंदर की हिस्सों को कवर करने वाले ऊतक कई तरह के वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। सामान्यतौर पर इन हिस्सों का खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के सीधे संपर्क में आने का खतरा रहता है। इसके अलावा ज्यादातर लोगों को अपनी आंखों को रगड़ने और छूने की आदत होती है, इसके माध्यम से भी आंखों में संक्रमण पहुंच सकता है।

किसी भी सतह को अनावश्यक रूप से छूने से बचें

अगर कोई व्यक्ति किसी संक्रमित व्यक्ति के आंसुओं को छूता है या उसके आंसुओं की सतह को छूता है तो इससे भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति की आंखें लाल हों तो यह भी कोरोना का एक लक्षण हो सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं, यदि संक्रमित व्यक्ति के आंखों के रंग या स्थिति में कोई बदलाव नहीं है, तो भी वह स्वस्थ व्यक्ति में वायरस फैला सकता है।

कैसे कर सकते हैं बचाव

वैज्ञानिक कहते हैं कि वैसे तो आंसू के माध्यम से कोरोनावायरस फैलने का खतरा होता है, पर इसकी संभावना काफी कम होती है। हालांकि जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षा के उपायों को प्रयोग में लाते रहना सभी के लिए बेहद आवश्यक है।

  • खांसते, छींकते समय अपने मुंह को कोहनी या किसी कपड़े से अच्छी तरह ढकें।
  • छींकते समय टिशू का इस्तेमाल करने पर इसे तुरंत फेंक दे।
  • कोरोना से संक्रमित होने पर अपनी आंखें ना रगड़े।
  • अगर किसी सतह या किसी चीज को छूते हैं तो अपने हाथों को या तो सेनेटाइज करें या फिर साबुन से धोएं।
  • सार्वजनिक स्थानों पर और परिवार के अलावा सभी लोगों के सामने मास्क जरूर पहने।
  • बीमार लोगों के संपर्क में आने से बचें।