आज खत्म होगी अमेरिका के लिए तालिबान की डेडलाइन

 31 Aug 2021 02:11 AM

काबुल तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से वहां के हालात लगातार बदल रहे हैं। इसबीच अमेरिका द्वारा अपनी और नाटो सेना की फौज की वापसी की समय सीमा मंगलवार 31 अगस्त को खत्म हो रही है। तालिबान सीधेतौर पर ये कह चुका है कि वो इससे आगे का वक्त अमेरिका को नहीं देने वाला है। फिलहाल तालिबान के आतंकी एयरपोर्ट के बाहरी क्षेत्र में मौजूद हैं जबकि आंतरिक सुरक्षा का जिम्मा अमेरिकी सेना के ही हवाले है।

अमेरिका निकाल चुका है 1.16 लाख लोगों को

इधर अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में करीब 1200 लोगों को काबुल से निकाला गया। इस दौरान 26 सी-17 सैन्य विमान का इस्तेमाल हुआ। 14 अगस्त से अब तक काबुल से 1,16,700 लोगों को निकाल गया।

आॅपरेशन देवी शक्ति: भारत ने 800 से ज्यादा लोगों को निकाला

भारत ने अफगानिस्तान में चलाए जा रहे रेस्क्यू मिशन को आपरेशन देवी शक्ति का नाम दिया है। इसके जरिए अब तक 800 से अधिक लोगों को विभिन्न रास्तों के माध्यम से भारत लाया जा चुका है। वहीं भारतीय वायु सेना के दो विमान सी-17 और सी- 130जे अफगान निकासी अभियान से वापस लौट आए हैं। इसके माध्यम से अब तक 550 से अधिक नागरिकों को निकाला जा चुका है। अभी भी कुछ भारतीयों के फंसे होने की संभावना है।1111

तालिबान के लिए मुश्किलें

 अफगान में 67% आबादी युवा है। 

3 करोड़ लोगों की उम्र 18 से 25 साल है।

 ये युवा पीढ़ी स्कूल कालेज में पढ़कर कर बड़ी हुई है।

 इंटरनेट के जरिये दुनिया से जुड़ी है। 

तालिबान इनको दबा नहीं सकता। 􀂄

ऐसा करेगा तो मान्यता नहीं मिलेगी।

नाम-झंडा सब बदल जाएगा

अफगानिस्तान अब इस्लामिक अमीरात आॅफ अफगानिस्तान बन जाएगा। 􀂄

तालिबान का झंडा अफगानिस्तान का झंडा होगा।

नया झंडा सफेद रंग का होगा, जिस पर कलमा शहादत लिखा होगा। यहां 19 बार झंडा बदल चुका है।

तालिबान देगा दुनिया को संदेश

अमीरात शब्द जोड़कर तालिबान बताना चाहता है कि शासन धार्मिक आधार पर ही चलेगा।

अमीरात व्यवस्था वाले मुल्कों में राष्ट्राध्यक्ष धार्मिक नेता ही होते हैं।

डेमोक्रेटिक देशों में राष्ट्रपति धार्मिक नेता नहीं होते हैं।

राजनीतिक और धार्मिक शक्तियां एक व्यक्ति में केंद्रित होती हैं।

महिलाओं पर होगी सख्ती

तालिबान की सत्ता में महिलाओं की कोई भागीदारी नहीं होगी।

लड़के और लड़कियां एक ही स्कूल कालेज में नहीं पढ़ पाएंगे।

लड़कियां न्यूज ऐंकर, रिपोर्टर नहीं बन पाएंगी।

महिलाओं के लिए हिजाब जरूरी। वे अकेले बाजार नहीं जा सकेंगी।