हाई बीपी से दुनियाभर में हर साल होती है 85 लाख की मौत

 28 Aug 2021 02:23 AM

लंदन। दुनियाभर में हाईब्लड प्रेशर से पीड़ित वयस्कों की संख्या पिछले 30 वर्षों में दोगुनी हो गई है और इनमें से ज्यादातर वृद्धि कम एवं मध्यम आय वाले देशों में हुई है। हर साल दुनियाभर में 85 लाख लोगों की मौत हाईब्लड प्रेशर की वजह से होती है और यह आघात, हृदय रोग, वाहिका संबंधी रोगों और गुर्दे की बीमारियों की मुख्य वजह है। शोध में दावा किया गया है कि 30 प्रतिशत भारतीय रक्तचाप की समस्या से पीड़ित हैं। वहीं रक्तचाप के स्तर को घटाकर आघात की संख्या में 35 - 40 फीसदी, दिल के दौरे में 20-25 प्रतिशत तक और हृदय गति रुकने में करीब 50 फीसदी की कमी आ सकती है। यह जानकारी पत्रिका लैंसेट में प्रकाशित एक शोध रिपोर्ट में दी गई है। अनुसंधानकर्ताओं के अंतरराष्ट्रीय दल ने 184 देशों में तीन से अधिक दशकों में 30-79 वर्ष की आयु वाले 10 करोड़ से अधिक लोगों के रक्तचाप का विश्लेषण किया। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि बीमारी का आसानी से पता लगाने और इलाज के कम खर्च के बावजूद हाई बीपी से पीड़ित करीब आधे लोगों को उनकी स्थिति के बारे में जानकारी नहीं थी।

मप्र में सबसे ज्यादा हैं बीपी के मरीज

हाल ही में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) द्वारा जारी की गई लांगीट्यूडिनल एजिंग स्टडी (एलएएसआई) में दावा किया गया है कि मप्र में 45 साल से अधिक आयु वालों को ब्लड प्रेशर की वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा देशभर में सर्वाधिक 59.9 फीसदी है। वहीं इस आयु वर्ग में देश के 45 फीसदी लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक प्रमुख कारण था, जिसके चलते कोरोना में ज्यादा मौतें हुर्इं।

देश में सबसे ज्यादा दिल और फेफड़ों की बीमारी से मौत

हाल में केंद्र सरकार ने बताया था कि हृदय रोग (12.4 फीसदी), फेफड़े की बीमारी (10.8 फीसदी), स्ट्रोक (9 फीसदी), आंत्रशोध संबंधी रोग (6फीसदी), निम्नतर श्वसन मार्ग संक्रमण (4.5 फीसदी), समय पूर्व प्रसव जटिलताएं(3.9 फीसदी), तपेदिक(2.7 फीसदी), आत्महत्या (2.6 फीसदी), गिरना ( 2.6 फीसदी) और सड़क हादसे (2.4 फीसदी) से भारत में सबसे ज्यादा मौत होती हैं।

आ सकती है 50% की कमी

हर साल दुनियाभर में 85 लाख लोगों की मौत हाई बीपी से होती है और यह आघात, हृदय रोग, और गुर्दे की बीमारियों की मुख्य वजह है। रक्तचाप के स्तर को घटाकर आघात की संख्या में 35-40%, दिल के दौरे में 20-25% तक और हृदय गति रुकने में करीब 50% की कमी आ सकती है।

इन देशों में स्थिति ठीक रही

कनाडा और पेरू में 2019 में सबसे कम लोगों में हाई बीपी देखा गया। ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान और स्विट्जरलैंड, स्पेन समेत पश्चिमी यूरोप के कुछ देशों और ब्रिटेन में महिलाओं में यह दर कम रही। वहीं एरिट्रिया, बांग्लादेश, इथियोपिया व सोलोमन द्वीप में पुरुषों में हाई बीपी की दर कम रही।

साल 1990 की स्थिति
महिलाएं        30 करोड़ 31 लाख
पुरुष            
30 करोड़ 17 लाख
 

साल 2019 की स्थिति
महिलाएं          60 करोड़ 26 लाख
पुरुष              60 करोड़ 52 लाख