ओलिंपिक के बाद से यंगस्टर्स पढ़ाई के साथ खेल को बना रहे कॅरियर ऑप्शन

 29 Aug 2021 02:01 AM

हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। यह दिन हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। सभी आयु वर्ग के लोग खेल में भाग लेते हैं जैसे मैराथन, कबड्डी, बास्केटबॉल, हॉकी आदि। यह दिन न केवल लोगों के लिए मनोरंजन के रूप में काम करता है बल्कि एक व्यक्ति के जीवन में खेल की भूमिका के बारे में भी जागरूकता फैलाता है। इस दिन युवा पीढ़ी की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को पहचानने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किए जाते हैं। हाल ही में ओलिंपिक में भारत के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए शहर के युवाओं के साथ पैरेंट्स में भी खेल प्रति रुझान बढ़ा है। आईएम भोपाल ने जाना शहर को नया क्या मिलेगा और इस क्षेत्र में क्या नया हो रहा है।

टैलेंट सर्च अभियान खिलाड़ियों के हो रहे रजिस्ट्रेशन

टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बाद पूर देश में खेल के प्रति लोगों का रुझान अधिक बढ़ा है। पैरेंट्स अब अपने बच्चों के लिए पढ़ाई साथ-साथ खेल को भी कॅरियर आॅप्शन लेने लगे हैं। हाल ही में मप्र के टेलेंट सर्च अभियान में 62,178 खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन करवाना यह साबित करता है खेल विभाग इस बार स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर मप्र के खिलाड़ियों को ओलिंपिक स्तर के लिए तैयार करने में जुट गया है। हमने मल्लखंब अकादमी के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा है। - पवन जैन, स्पोर्ट्स डायरेक्टर(मप्र)

देश के लिए मेडल जीतना है

मैं जब आठ साल की थी तब से ही बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रहीं हूं। मेरे घर वालों का मुझे इस गेम के लिए फुल सपोर्ट मिलता है। मैंने स्टेट लेवल में प्रदेश को अभी रिप्रेजेंट भी किया है। जब छोटी थी तब प्रियंका चोपड़ा की फिल्म ‘मैरी कॉम’ देखी थी और उस फिल्म से प्रभावित होकर इस गेम को सीखने का फैसला लिया। अभी से ट्रेनिंग करूंगी तो एक दिन देश के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलिंपिक में मेडल जरूर लेकर आउंगी। - दृष्टि अग्रवाल,बॉक्सर

खेल के प्रति डिसिप्लिन जरूरी

बच्चे जब छोटे होते है और जब ग्रो कर रहे होते हैं तब आप उनकी चॉइस किसी एक खेल के प्रति नहीं बता सकते हैं। अगर उसका किसी एक गेम के प्रति लगाव दिखेगा तब हम विशेष गेम की ट्रेनिंग दिलवा सकते हैं। मैंने भी अपने बच्चे को उसकी चॉइस को ही प्राथमिकता दी है। साथ ही जब किसी खेल की ट्रेनिंग दी जाती है तब डिसिप्लिन सबसे ज्यादा जरूरी होता है। - गरिमा विशाल गुप्ता,हाउस वाइफ

पांच अलग-अलग गेम्स की दे रहे ट्रेनिंग

यह क्लब 1980 से स्थापित है। पहले इस जगह पर वॉलीबॉल और क्रिकेट की ट्रेनिंग दी जाती थी। पिछले कुछ समय से मैंने इस ग्राउंड पर खिलाड़ियों के लिए कई फैसिलिटी के साथ अब तीन खेल और बढ़ाए हैं। इसमें बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और कबड्डी इन खेलों की खिलाडियों की ट्रेनिंग दी जाएगी। मेरी कोशिश यही रहती है कि बच्चों को अच्छे से अच्छी सुविधाओं के साथ ट्रेनिंग दें, ताकि आगे चलकर भोपाल ही नहीं देश का नाम करें। ओलंपिक में भारत के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए बच्चों की ग्राउंड के प्रति रुझान बढ़ा है, जो वाकई अच्छी बात है। - योगेश सक्सेना गुडडू, अध्यक्ष, शक्ति स्पोर्ट्स क्लब, भेल