ग्वाल समुदाय में द्वापर युग से चल रही है बरेदी नृत्य परंपरा

 30 Aug 2021 01:34 AM

जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मनीष यादव और साथियों ने बरेदी नृत्य की प्रस्तुति दी। इस नृत्य की परंपरा द्वापर युग में शुरू हुई, जब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाया और गोकुल-वृंदावन के लोगों की रक्षा की। तब से ग्वाल समुदाय के लोगों में बरेदी नृत्य की परंपरा चली आ रही है। इस मौके पर राजस्थान के कालूनाथ एवं साथियों ने कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुत दी। यह नृत्य राजस्थान में कालबेलिया (सपेरा जाति) के द्वारा किया जाता है। कालबेलिया नृत्य में सिर्फ स्त्रियां ही भाग लेती हैं।