80 हजार लोगों पर हुए स्टडी से खुलासा, दिमाग की सोचने-समझने की शक्ति को भी प्रभावित करता है कोरोना

 12 Aug 2021 07:50 PM

लंदन। कोरोना के शरीर पर हुए प्रभावों के अध्ययन के बाद दिमाग पर उसके असर पर स्टडी हुई है। स्टडी में पता चला है कि कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों की सोचने-समझने या किसी काम पर ध्यान केंद्रित करने की शक्ति भी कमजोर हो जाती है। रिसर्चर्स ने यह निष्कर्ष 80 हजार लोगों पर स्टडी के बाद निकाला है। इंपीरियल कॉलेज, लंदन के रिसर्च को EClinicalMedicine जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

 

रिसर्च में सामने आय कि कोरोना से गंभीर रूप से पीड़ित लोगों की जब परीक्षा ली गई तो उन्हें कम अंक मिले। ऐसे लोगों की रीजनिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग क्षमता पर काफी ज्यादा असर पड़ा है। जिन लोगों को सांस लेने की दिक्कत के कारण वेंटिलेटर की मदद लेनी पड़ी उन्हें ज्यादा नुकसान हुआ है।

 

स्टडी में कोविड-19 के विभिन्न पहलुओं को देखा गया जो दिमाग और दिमाग  की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। स्टडी रिपोर्ट के लेखक एडम हैंपशाइर ने कहा कि रिसर्च से संकेत मिलता है कि दिमाग पर कोरोना के ऐसे प्रभाव होते हैं  जिनकी आगे जांच की जरूरत है।

कैसे किया रिसर्च :

इंपीरियल कॉलेज के रिसर्चर्स की ओर से तैयार ऑनलाइन टेस्ट को आम लोगों के लिए महामारी से पहले ही खोला गया था। किंग्स कॉलेज लंदन और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने साल 2020 की शुरुआत में कोरोना को लेकर क्वेश्चनायर तैयार किया था जो लक्षण और हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत की जानकार इकट्ठा करने के लिए था।