मुगलों के भारत आने की कहानी में इतिहास कम और ड्रामा ज्यादा,पहले सीजन में बाबर की जिंदगी

 29 Aug 2021 01:53 AM

ऐसे वक्त में, जबकि हमारे इतिहास के पुनर्लेखन पर हर तरफ बहस हैं, डिज्नी हॉटस्टार पर मध्यकालीन भारत के इतिहास का केंद्र रहे मुगल साम्राज्य की कहानी आई है, ‘द एंपायर’ संभवत: छह सीजन चलने वाली इस कहानी का पहला सीजन रिलीज हुआ। इसमें उत्तर दिशा/मध्य एशिया से भारत आने वाले पहले मुगल बादशाह बाबर की जिंदगी की दास्तान है।

कहानी: कहानी फ्लैशबैक में समरकंद और फरगना पहुंचती है, जहां पिता की मृत्यु के बाद 14 बरस के बाबर को नानी (शबाना आजमी) फरगना के तख्त पर बैठा देती है परंतु फरगना के दुश्मन शैबानी खान (डिनो मोरिया) की नजरें यहां गड़ी है। वह फरगना और समरकंद, दोनों पर कब्जा चाहता है। बाबर अमन पसंद है। उसे परिवार तथा अवाम की चिंता है। वह खून-खराबा नहीं चाहता। उसे पिता का दिखाया ख्वाब भी याद है। बाबर शैबानी खान के सामने प्रस्ताव रखता है कि अगर उसे परिवार और शुभचिंतकों समेत किले से निकल जाने दे, वह हमेशा के लिए चला जाएगा।

बात एक्टिंग की: सीरीज मुख्य रूप से कुणाल कपूर, दृष्टि धामी, डिनो मोरिया और शबाना आजमी के कंधों पर टिकी है। कुणाल ने बाबर के रूप में अच्छा काम किया है और कई जगहों पर उनके भावुक दृश्य बढ़िया हैं। दृष्टि धामी सुंदर दिखी हैं और उन्होंने बाबर की बहन खानजादा का किरदार जीवंत किया है। शबाना आजमी बाबर की सख्त दिल नानी के रूप में असर छोड़ती हैं।