CBSE 12वीं के मार्क्स से असंतुष्ट स्टूडेंट वेरिफिकेशन के लिए आज से कर सकते हैं आवेदन, 4 कैटेगरी में होगा समाधान

 09 Aug 2021 04:49 PM

नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले ही सीबीएसई ने 10वीं-12वीं का रिजल्ट जारी किया था। ऐसे में 12वीं के ऐसे स्टूडेंट जो अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं हैं, बोर्ड ने उनके लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक अपने नंबरों से नाखुश स्टूडेंट मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आज से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके बाद वह चार चरणों की इस प्रोसेस में हिस्सा ले सकते हैं। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 12 अगस्त तक जारी रहेगी। वहीं, बोर्ड को 14 अगस्त तक सभी समस्याओं का निवारण करना होगा।

12वीं के मार्क्स ने असंतुष्ट स्टूडेंट क्या कर सकते

  • मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए अपने स्कूल के प्रिंसिपल को आवेदन कर सकते हैं।
  • अगर रिजल्ट कमेटी की ओर से मार्क्स टैबुलेशन में कोई गलती हुई है तो वह इसे सुधार सकेंगे।
  • साथ ही नई नीति को लेकर आपत्ति रखने वाले स्टूडेंट भी आवेदन कर सकते हैं।

 

टाइप- 1 कैटेगरी

  • अपने मार्क्स से असंतुष्ट स्टूडेंट्स को प्रिंसिपल को लेटर के जरिए अपने कारण से स्पष्ट करने होंगे।
  • इसके बाद स्कूल इस रिकॉर्ड को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से अपने पास रखेंगे।
  • रिजल्ट तैयार करने वाली कमेटी स्टूडेंट्स के कारणों के आधार पर इसकी जांच करेगी।
  • जांच के अगर रिजल्ट सही पाया जाता है, तो स्टूडेंट को कमेटी की ओर से जवाब भेज दिया जाएगा।

टाइप- 2 कैटेगरी

  • अगर स्टूडेंट्स के मार्क्स में गलती पाई जाती है तो कमेटी सभी डॉक्यूमेंट्स के साथ गलती होने और इसके प्रभाव को लेकर स्कूलों को जानकारी देगी।
  • साथ ही स्कूल के प्रिंसिपल और रिजल्ट कमेटी के अध्यक्ष रीजनल ऑफिस में भी इस बारे में जानकारी देंगे।
  • इसके बाद रीजनल ऑफिसर इस मामले में फैसला लेकर जरूरी सुधार करेंगे। 

टाइप- 3 कैटेगरी

  • अगर किसी स्टूडेंट्स की आपत्ति के बिना ही रिजल्ट कमेटी को मार्क्स में गलती टैबुलेशन लगती है, तो इसके लिए टाइप तीन पर क्लिक कर आवेदन करना होगा।
  • इसके तहत मार्क्स की गलत कैलकुलेशन और रिजल्ट अपलोड करने में हुई गलती की भी जांच की जाएगी।
  • इसके लिए सीबीएसई के सहायक सचिव, केंद्रीय विद्यालयों के प्रिंसिपल, निजी स्कूलों के प्रिंसिपल और शिक्षा निदेशक स्तर तक के अधिकारी जांच कमेटी में शामिल होंगे।
  • कमेटी अपनी जांच पूरी कर रीजनल ऑफिस को रिपोर्ट सौंपेगी।

टाइप- 4 कैटेगरी

  • अगर किसी स्टूडेंट को नई नीति से किसी तरह की कोई आपत्ति है, तो इसके लिए टाइप- 4 कैटेगरी पर आवेदन करना होगा।
  • आपत्ति को लेकर पूरा विवरण देना अनिवार्य है।
  • इसके बाद इस पर संयुक्त सचिव, उप सचिव और इससे ऊपर के अधिकारी और रिटायर्ड प्रिंसिपल की अध्यक्षता वाले बोर्ड में विचार किया जाएगा।
  • कमेटी अपने सुझाव परीक्षा नियंत्रक को देगी और परीक्षा नियंत्रक मामले में फैसला लेंगे।

 

स्टूडेंट्स के लिए ध्यान देने योग्य बातें…

  • स्टूडेंट्स अंकों के निर्धारण व घटाने और बढ़ाने के लिए अपनाए गए बोर्ड के तरीकों को चुनौती नहीं दे सकेंगे।
  • स्कूल और स्टूडेंट्स को आवेदन के विषय में कक्षा 10वीं या 12वीं को स्पष्ट करना होगा।
  • 12वीं के विवादों का प्रमुख तौर पर निपटारा किया जाएगा ।
  • 12वीं के विवादों का निपटारा होने के बाद 10वीं के नतीजों का विवाद सुलझाया जाएगा।
  • कॉलेजों में आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स को विवाद के परिणाम का इंतजार किए बिना कॉलेज या यूनिवर्सिटी में समय से आवेदन करने की सलाह दी गई है।
  • विवाद के निपटारे के लिए स्कूलों को बोर्ड की ओर से सिर्फ पांच हजार रुपए का ही भुगतान किया जाएगा।