सोयाबीन-मूंगफली तेल की कीमतों में सुधार

 29 Aug 2021 12:55 AM

नई दिल्ली विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सोयाबीन तेल, मूंगफली तेल-तिलहन और कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के भाव लाभ के साथ बंद हुए। बाकी तेलत् लहनों के भाव पूर्ववत बने रहे। बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज में कल आरंभिक गिरावट के बाद देर रात आधे प्रतिशत की तेजी थी। स्थानीय त्योहारी मांग के कारण सोयाबीन तेल के भाव में सुधार आया मगर मुर्गीदाने की कमी को दूर करने के मकसद से सरकार द्वारा सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की कमी को पूरा करने के लिए आयात की अनुमति दिये जाने के बाद सोयाबीन दाना के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। सूत्रों ने कहा कि अगले महीने देश में सरसों की दैनिक मांग बढ़ने की संभावना है, जिसकी वजह है कि वायदा कारोबार में भाव टूटने के बाद भी सरसों दाने के भाव सुधार के साथ बंद हुए। साल्वेंट एक्स्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) के कार्यकारी निदेशक वी वी मेहता ने भी माना है कि कोरोना महामारी के दौरान सरसों तेल की खपत बढ़ गई और इसकी वजह से मार्च-अप्रैल के महीने में सरसों की अधिक पेराई हुई है जिसकी वजह से सरसों की मौजूदा कमी की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि बाजार में मांग ज्यादा होने और मंडियों में आवक कम रहने से सरसों दाना में सुधार रहा। सूत्रों ने कहा कि अगले बिजाई मौसम के लिए सरकार को हाफेड और नेफेड जैसी सहकारी संस्थाओं के माध्यम से सरसों बीज की हरियाणा के रेवाड़ी सहित अन्य स्थानों से बाजार भाव पर खरीद कर लेनी चाहिये ताकि त्योहार के मौसम में बाजार पर नियंत्रण रखा जा सके।