NPS से 65 साल की उम्र के बाद जुड़ने वाले अंशधारक इक्विटी में लगा सकेंगे 50% कोष

 30 Aug 2021 01:24 AM

नई दिल्ली। पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से 65 साल की आयु के बाद जुड़ने वाले अंशधारकों के लिए इसे और आकर्षक बनाया है। इसके तहत ऐसे लोगों को अपने 50 प्रतिशत तक कोष को इक्विटी या शेयरों के लिए आवंटित करने की अनुमति दी गई है। एनपीएस से जुड़ने की आयु को 65 से बढ़ाकर 70 साल किए जाने के बाद पीएफआरडीए ने प्रवेश और बाहर निकलने के नियमों को संशोधित किया है। एनपीएस में प्रवेश की आयु को 18-65 से संशोधित कर 18-70 किया गया है। संशोधित दिशानिर्देशों पर पीएफआरडीए के सर्कुलर के अनुसार, 65-70 आयु वर्ग में कोई भी भारतीय नागरिक या विदेशों में बसा भारतीय नागरिक (ओसीआई) एनपीएस से जुड़ सकता है। वह इस योजना के साथ 75 साल की उम्र तक जुड़ा रह सकता है। जिन अंशधारकों ने अपने एनपीएस खाते को बंद कर दिया है, वे भी आयु में बढ़ोतरी के नियमों के अनुरूप नया खाता खोल सकते हैं। पीएफआरडीए ने कहा है कि यदि कोई अंशधारक 65 साल की उम्र के बाद एनपीएस से जुड़ता और डिफॉल्ट आटो चॉइस के तहत निवेश का फैसला करता है, तो उसे शेयरों में सिर्फ 15 प्रतिशत तक का ही निवेश करने की अनुमति होगी। एनपीएस से 65 साल की उम्र के बाद जुड़ने वाले अंशधारकों के लिए सर्कुलर में कहा गया है कि उन्हें सामान्य तौर पर तीन साल के बाद बाहर निकलने की अनुमति होगी। पीएफआरडीए ने कहा कि अंशधारक को ‘एन्यूइटी’ की खरीद के लिए कम से कम 40 प्रतिशत कोष का इस्तेमाल करना होगा। शेष राशि को एकमुश्त निकाला जा सकता है। यदि अंशधारक का कोष पांच लाख रुपए या इससे कम है तो वह पूरी जोड़ी गई पेंशन एकमुश्त निकाल सकता है।