जनधन योजना से रूपांतरकारी और दिशात्मक बदलाव हुआ: सीतारमण

 29 Aug 2021 01:01 AM

नई दिल्ली सभी देशवासियों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने और सरकारी लाभों के सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के सात वर्ष पूरे होने पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सात वर्षों की छोटी सी अवधि में पीएमजेडीवाई की अगुवाई में किए गए उपायों ने रूपांतरकारी और दिशात्मक बदलाव पैदा किया है, जिसने उभरते हुए वित्तीय संस्थानों के इकोसिस्टम को समाज के अंतिम व्यक्ति-सबसे गरीब व्यक्ति को वित्तीय सेवाएं देने में सक्षम बनाया है। वित्तमंत्री ने कहा पीएमजेडीवाई के अंतर्निहित स्तंभों यानी बैंकिंग सेवा से अछूते रहे लोगों को बैंकिंग सेवा से जोड़ने, असुरक्षित को सुरक्षित बनाने और गैर-वित्तपोषित लोगों का वित्त पोषण करने जैसे कदमों ने वित्तीय सेवाओं से वंचित और अपेक्षाकृत कम वित्तीय सेवा हासिल करने वाले इलाकों को सेवा प्रदान करने के क्रम में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाते हुए बहु-हितधारकों के सहयोगात्मक द्दष्टिकोण को अपनाना संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय हाशिए पर रहने वाले और अब तक सामाजिक-आर्थिक रूप से उपेक्षित वर्गों का वित्तीय समावेशन करने और उन्हें सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। समावेशी विकास का प्रवर्तक होने के नाते वित्तीय समावेशन इस सरकार की राष्टÑीय प्राथमिकता है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कदम गरीबों को उनकी बचत को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में लाने का एक रास्ता प्रदान करता है और उन्हें गांवों में अपने परिवारों को पैसे भेजने के अलावा सूदखोर साहूकारों के चंगुल से बाहर निकालने का एक अवसर प्रदान करता है। देशभर में स्वीकृति से संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण के जरिए पीएमजेडीवाई खाताधारकों के बीच रुपे डेबिट कार्ड के उपयोग सहित डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि देशभर में आठ लाख से अधिक बैंकिंग टच प्वाइंट्स की मैपिंग की गई है।

खाताधारकों की संख्या बढ़कर 43 करोड़, जमा राशि 1.46 लाख करोड़ रुपए हुई

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत बैंक खाताधारकों की संख्या बढ़कर 43 करोड़ तथा इन खातों में जमा राशि बढ़कर 1.46 लाख करोड़ के पार पहुंच गई है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की प्रमुख वित्तीय समावेशन योजना के क्रियान्वयन के सात साल पूरे हो गए हैं। पीएमजेडीवाई की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने 15 अगस्त, 2014 को की थी। साथ ही इसे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए इसे 28 अगस्त को शुरू किया गया था। यह राष्टÑीय मिशन वित्तीय सेवाओं यानी बैंकिंग, धन भेजने की सुविधा, ऋण, बीमा, पेंशन जैसी सुविधाओं तक लोगों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया था। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में जन-धन खाताधारकों की कुल संख्या 18 अगस्त, 2021 तक 43.04 करोड़ हो गई है। इसमें से 55.47 प्रतिशत या 23.87 करोड़ खाताधारक महिलाएं और 66.69 प्रतिशत यानी 28.70 करोड़ खाताधारक पुरुरू हैं। मंत्रालय के अनुसार इस योजना के पहले वर्ष में 17.90 करोड़ जन- धन खाते खोले गए थे। वित्त मंत्रालय ने बताया कि कुल 43.04 करोड़ खातों में से 36.86 करोड़ यानी 85.6 प्रतिशत खाते सक्रिय है ।