फ्लेवर्ड मिल्क पर 12% जीएसटी, लस्सी पर नहीं

 25 Aug 2021 12:59 AM

नई दिल्ली अगर आप फ्लेवर्ड मिल्क और लस्सी, दोनों के शौकीन हैं, तो यह जानकर आश्चर्य होगा कि लस्सी पर जीएसटी नहीं लगता, लेकिन फ्लेवर्ड मिल्क पर 12% का टैक्स है। जीएसटी अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स (एएआर-गुजरात) ने इस बाबत हाल ही में एक आदेश जारी करके टैक्स के कन्यूजन को दूर करने की कोशिश की है।

किस मामले में आया आदेश?

दूध से बनने वाले किन उत्पादों पर कितना जीएसटी लगता है, इसको लेकर वलसाड की डेयरी कंपनी- संपूर्ण डेयरी एंड एग्रोटेक ने जीएसटी अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स से संपर्क किया था। यह कंपनी चार फ्लेवर में लस्सी बेचती है: पहला- प्लेन, बिना चीनी या नमक वाला। दूसरा- नमक और जीरा वाला; तीसरा, चीनी मिला स्ट्रॉबेरी फ्लेवर और चौथा चीनी मिला ब्लूबेरी फ्लेवर।

कंपनी ने किया था सवाल

कंपनी ने जीएसटी अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स से पूछा था कि क्या उनके ये प्रोडक्ट लस्सी की कैटेगरी में आते हैं और हां तो उस पर किस रेट से जीएसटी लगेगा। दरअसल, उसकी लस्सी के पैकेज पर लिखा होता है कि वह टोंड मिल्क, मसाले, पुदीना, हरी मिर्च, अदरक, नमक, एक्टिव कल्चर, नेचुरल फ्लेवर से बना है और यह डेयरी बेस्ड फर्मेंटेड ड्रिंक है।

फ्लेवर्ड मिल्क का क्लासिफकेशन लस्सी से अलग

इस पर एएआर की गुजरात बेंच ने कहा है कि लस्सी दही, मसाले और पानी से बनता है। लेकिन, फ्लेवर्ड मिल्क की क्लासिफकेशन दही, लस्सी और छाछ से अलग है और इन पर जीएसटी नहीं लगेगा। क्लासिफिकेशन की जटिलताओं को देखते हुए अफ की कई बेंच पहले अपने आदेशों में कह चुकी हैं कि फ्लेवर्ड मिल्क जीएसटी फ्री नहीं है।