भोपाल रेल मंडल में रोबोट की मदद से कोचेज को सेनिटाइज करने की तैयारी

 11 Sep 2021 02:06 AM

भोपाल कोरोना संक्रमण के मद्देनजर भोपाल रेल मंडल में जल्द ही रोबोट की मदद से ट्रेनों को सेनिटाइज करने की तैयारी चल रही है। इससे 2-3 मिनट में ही पूरी बोगी सेनिटाइज हो जाएगी। फिलहाल इस तकनीक का उपयोग रेलवे, नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस में कर रहा है। अभी रेलवे कर्मचारी हैंड होल्ड मशीनों के जरिए एक-एक कोच में जाकर सेनिटाइज करते हैं। इस तरह एक ट्रेन के सभी कोचेज को सेनिटाइज करने में डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। इसको देखते हुए रेलवे ने एक खास तरह का वायरलेस यूवी डिवाइस तैयार किया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली डिवीजन ने टेक्नोलॉजी ड्रिवन डिसइन्फेक्शन प्रोग्राम की शुरुआत की है। इसके तहत नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस में पहली बार इस यूवी लाइट रोबोट की मदद से कोचेज को सेनिटाइज करने का काम किया जा रहा है। इस मशीन को चलाने के लिए रोबोट को मैनुअली आॅपरेट किया जाता है। रोबोट की स्पीड कम ज्यादा करने के लिए रिमोट का इस्तेमाल किया जाता है। भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश ने बताया कि यह तकनीक नवीनतम टेक्नोलॉजी पर आधारित है। जल्द ही भोपाल रेल मंडल में इस तकनीक से ट्रेनों को सेनिटाइज करने का काम शुरू किया जाएगा।

यहां इस्तेमाल होती है यह तकनीक

आमतौर पर आपरेशन थिएटरों में सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स को यूवी लाइट से क्लीन किया जाता है। इसका इस्तेमाल दुनियाभर के तमाम बड़ी विमानन कंपनियां भी करती हैं। आमतौर पर यूवी लाइट मनुष्य के लिए हानिकारक होती है। इसलिए इसमें रोबोट का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए जब तक रोबोट बोगी को डिसइंफेक्ट करेगा, तब तक उस बोगी में कोई नहीं रहेगा।