एमपी बोर्ड : सत्र शुरू होने के दो माह बाद भी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम की एक भी नहीं, हिंदी मीडियम की 60 प्रतिशत किताबें ही पहुंचीं

 30 Aug 2021 01:51 AM

भोपाल कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद सरकार ने प्रदेशभर में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं तो शुरू कर दी हैं, लेकिन शैक्षणिक सत्र शुरू होने के दो माह गुजरने के बाद भी एमपी बोर्ड के स्कूलों में इन कक्षाओं की हिंदी माध्यम की 40 प्रतिशत से अधिक किताबें नहीं पहुंची हैं। वहीं इंग्लिश मीडियम की तो एक भी किताब उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खास बात यह है कि जो किताबें उपलब्ध नहीं हैं, उनमें गणित, विज्ञान, रसायन, राजनीति शास्त्र सहित सभी विषयों की मुख्य किताबें हैं। जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना ने बताया कि सत्र शुरू होने के बाद जितनी भी किताबें आई थीं, वह सभी वितरित कर दी गई हैं। किताबों की कमी को पूरा करने के लिए पुराने बच्चों से भी किताबें लेकर नवीन प्रवेशार्थियों को दी गई हैं। इंग्लिश मीडियम की तो किताबें ही नहीं आई हैं। इसलिए एनसीईआरटी की वेबसाइट से ये किताबें अपलोड करवाकर पढ़ाई कराई जा रही है।

ये किताबें नहीं पहुंचीं

9वीं : कुल 11 किताबें

ये किताबें नहीं: संस्कृत, इतिहास, भूगोल, राजनीति शास्त्र।

10वीं : कुल 11 किताबें

ये किताबें नहीं: मोमेंटस, बिहाइव, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र।

11वीं : तीनों संकायों में 10-10 किताबें

ये किताबें नहीं: रसायन शास्त्र भाग-2, भूगोल भाग-1 व 3, संस्कृत, गणित।

12वीं: तीनों संकायों में 10-10 किताबें

ये किताबें नहीं: विज्ञान, समाज शास्त्र, भूगोल भाग-2 और 3, इतिहास भाग 1,2 और 3, संस्कृति, राजनीति शास्त्र भाग-1।

ऐसे चल रही स्कूलों में पढ़ाई

कमला नेहरू स्कूल की प्राचार्य पुष्पाराव ने बताया कि कई किताबें ऐसी हैं, जिनका पहला भाग नहीं आया है, लेकिनदूसरा उपलब्ध है। लिहाजा दूसरे भाग की पढ़ाई करा रहे हैं। यूट्यूब व एनसीईआरटी की वेबसाइट से चैप्टर बच्चों को अपलोड करा दिए हैं। एक पैरेंट सूर्यमणि शुक्ला का कहना है कि उनकी बेटी 10वीं में है, किताबें नहीं मिलने से परेशान है। अधिकांश किताबें ऑनलाइन अपलोड की हैं। जब ऑनलाइन ही पढ़ाना था, तो स्कूल क्यों खोले गए। सरोजनी नायडू स्कूल की छात्रा दीप्ति का कहना है कि सप्ताह में एक दिन स्कूल जाते हैं। टीचर वेबसाइट से चैप्टर देखकर पढ़ा रहे हैं, लेकिन हमारे पास बुक नहीं होने से रिवीजन नहीं हो पा रहा है।