कोरोना ने माता-पिता को छीन लिया, अब ‘अपने’ संपत्ति से कर रहे बेदखल

 09 Sep 2021 12:01 AM

भोपाल। राजधानी की एक 11 वर्षीय बच्ची के सिर से कोरोना ने माता-पिता का साया छीन लिया। अब बच्ची ने बाल आयोग में गुहार लगाई है कि चाचा उसे पिता की संपत्ति से बेदलख करना चाह रहे हैं। इस मामले में आयोग ने जांच शुरू कर दी है। पूरे प्रदेश में ऐसी 15 शिकायतें बाल आयोग पहुंची हैं, जिनमें अनाथ बच्चों ने ‘अपनों’ पर संपत्ति हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है। इनमें से चार शिकायतें अकेले भोपाल की है। इन बच्चों ने बाल आयोग से पिता की संपत्ति में अधिकार दिलाने की गुहार लगाई है। कोरोना काल में प्रदेशभर के 712 बच्चों अनाथ हुए हैं और 1255 बच्चों ने माता-पिता में से किसी एक को खोया। भोपाल में ऐसे 36 बच्चे सामने आए हैं, जिन्होंने कोरोना काल में पैरेंटस को खो दिया।

केस-1 इंदौर के न्यू आरटीओ रोड पर रहने वाले व्यवसायी की 14 अप्रैल व उनकी पत्नी की 20 अप्रैल को कोविड से मौत हो गई। उनके 12 व 17 वर्षीय बच्चों ने आयोग में दिए आवेदन में कहा, 66 वर्षीय दादी ने उन्हें घर से निकाल दिया है। अब दादी, अपनी बहन के बेटों के बहकावे में आकर उनके पिता का मकान बेचना चाहती है। दादी ने शर्त रखी है कि मकान चाहिए तो 54 लाख रुपए दो। मामले में आयोग के हस्तक्षेप के बाद बच्चे घर वापस पहुंचे हैं। हालांकि, संपत्ति के संबंध में फैसला अभी बाकी है।

केस-2 भोपाल के 10 वर्षीय बच्चे ने बाल आयोग को दिए अपने आवेदन में कहा है कि पिता की मौत बीते साल हो गई थी। इस साल 17 अप्रैल को कोरोना से मां का भी निधन हो गया। बच्चा अभी नानी के पास रह रहा है। बच्चे की शिकायत है कि उसके चाचा और बुआ उसे नानी के पास छोड़कर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं। न उसे पिता की जमा-पूंजी से भरण-पोषण के लिए कुछ दिया जा रहा है और न ही मकान में हिस्सा।

कुछ बच्चों को तो जानकारी ही नहीं

आयोग ने प्रदेशभर के अनाथ बच्चों के संबंध में जानकारी ली तो 6 बच्चे ऐसे सामने आए, जिन्हें जानकारी ही नहीं थी कि परिजन उनकी पैतृक संपत्ति पर कब्जा जमाए बैठे हैं। इन मामलों में आयोग ने स्वयं पहल कर बच्चों की शिकायत दर्ज की है। जिन मामलों में बच्चों को कानूनी मदद की जरूरत है, उनमें भी आयोग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मदद से सहायता दिलवा रहा है।

इसकी पहले से ही थी आशंका

आयोग ने पहले ही चिंता जताई थी कि कोविड में अनाथ बच्चों को पैतृक संपत्ति में अधिकार दिलाना बड़ी चुनौती होगी। इस दिशा में पहले ही काम शुरू कर दिया था। इस तरह के मामले सामने आने पर हम बच्चों को बाल कल्याण योजना से जोड़ रहे हैं। साथ ही पैतृक संपत्ति में अधिकार दिलाने कानूनी प्रक्रिया में भी सहायता दे रहे हैं। - ब्रजेश चौहान, सदस्य, बाल आयोग