फैमिली मर्डर केस: बच्ची को आंखों से दिखना बंद, हालत नाजुक, पेट से निकाल रहे जहर डॉक्टर

 29 Aug 2021 10:08 PM

पीपुल्स संवाददाता, भोपाल। मिसरोद इलाके में आर्थिक तंगी की वजह से बच्चों का गला काटने वाले सिविल इंजीनियर रवि ठाकरे और उनके बेटे चिराग के शव का रविवार को एम्स में पोस्टमॉर्टम किया गया। जबकि गंभीर रूप से घायल पत्नी और बेटी का हमीदिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहर पिलाने के बाद गले पर टाइल्स कटर से किए गए वार के बाद बच्ची गुंजन ठाकरे (14 साल) को आंखों से दिखना बंद हो गया है। रविवार को बच्ची को जब होश आया तो उसने डॉक्टरों से कहा कि उसे कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। ये बच्ची कमला नेहरू अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती है। विजन गायब होने की शिकायत के बाद हमीदिया अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की टीम पहुंची और उसकी आंखों की जांच की।

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डॉक्टर्स के मुताबिक, बच्ची की हालत गंभीर है। उसके पेट से जहर निकालने की कोशिश की जा रही है। उसके गले पर हुए हमले में मुख्य नलिकाएं नहीं कट पार्इं, इस कारण उसकी जान बच गई। लेकिन गले पर गहरा जख्म होने के कारण उसकी स्थिति चिंताजनक हो गई है। रविवार को उसके ब्रेन की एमआरआई कराकर आंखों की रोशनी गायब होने की जांच की जाएगी।

मां आईसीयू में एडमिट
हमीदिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एमआइटी विंग में भर्ती रंजना ठाकरे को आईसीयू में रखा गया है। रंजना का ट्रीटमेंट कर रहे डॉक्टर ने बताया कि कीटनाशक के असर और पहले की मानसिक बीमारी के कारण उसकी विशेष निगरानी की जा रही है। हालांकि रंजना होश में हैं।

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बच्ची की हालत थोड़ी ज्यादा सीरियस है, उसे जीएमसी के अलग-अलग विभागों के डॉक्टर्स की टीम देख रही है। विजन की प्रॉब्लम को लेकर भी नेत्र रोग विशेषज्ञ जांच कर रही है। मां की हालत कुछ ठीक है लेकिन उसे भी आईसीयू में एडमिट किया गया है। -डॉ. लोकेन्द्र दवे, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल

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