पिछले साल से जीएसटी राजस्व 21% ज्यादा मिला
भोपाल। प्रदेश के वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा पिछले साल की अपेक्षा इस साल दिसंबर माह की स्थिति में जीएसटी राजस्व 11 प्रतिशत अधिक हासिल किया गया है। वर्ष 2022-23 के दिसम्बर माह में 2,976 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि इस साल 3,304 करोड़ का राजस्व मिला है जो कि जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद किसी एक माह में प्राप्त जीएसटी की सर्वाधिक राशि है। इसी प्रकार माह दिसम्बर 2023 तक जीएसटी से कुल 23,471 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पूर्व वर्ष से 21 प्रतिशत ज्यादा है।
व्यापारियों की संख्या में 38 प्रतिशत का इजाफा
बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में पंजीयत व्यवसायियों की कुल संख्या 5 लाख से भी अधिक पहुंच चुकी है। वर्ष 2018 में पंजीयत व्यवसायी 3,84,438 की तुलना में वर्तमान में पंजीयत व्यवसायी की संख्या 5,31,147 है। जो तुलनात्मक रूप से 38 प्रतिशत अधिक है। पंजीयन सत्यापन के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से फील्ड अधिकारियों द्वारा संदिग्ध करदाताओं के पंजीयन सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है।
पांच हजार बोगस करदाताओं की हुई पहचान विभाग द्वारा डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से 4,909 बोगस करदाताओं की पहचान की गई और इनमें से 139 बोगस करदाताओं के पंजीयन निरस्त कर दिए गए हैं। जीएसटी लागू होने के बाद से अभी तक 2,51,510 पंजीयन निरस्त किए जा चुके हैं। जांच जारी है।
रेवेन्यू बढ़ाने ये किए जा रहे उपाय
- स्क्रूटनी, आॅडिट एवं प्रवर्तन के विशेष अभियान
- मुख्यालय स्थित डेटा, कमाण्ड एंड कंट्रोल सेन्टर में एनालिटिक्स टीम सक्रिय
- जीएसटी रिटर्नस से मिलान
- शासकीय विभागों जैसे कोष एवं लेखा, माइनिंग, ट्रांसपोर्ट आदि से जानकारी प्राप्त करना
- अपंजीयत करदाताओं को पंजीयन करने की कार्यवाही
- ऑडिट कार्यवाही से अभी तक 80 करोड़ की राशि जमा हुई।
- कर अपवंचन संबंधी सेक्टर के करदाताओं के विरुद्ध डेटा एनालिसिस के आधार पर प्रवर्तन की कार्यवाही
- आईटीसी रिवर्सल के क्षेत्र में विभाग द्वारा डेटा एनालिसिस के आधार पर करदाता चिन्हित किए।