दोपहर में अचानक आई तेज बारिश में रावण को भीगता देखकर रो पड़ी महिला कारीगर, लाखों का नुकसान

दोपहर में अचानक आई तेज बारिश में रावण को भीगता देखकर रो पड़ी महिला कारीगर, लाखों का नुकसान

भोपाल। सुबह धूप खिली थी, रावण बनाने वाले कारीगरों ने पुतलों को सुखाने के लिए खुले में रख दिया था। लेकिन दोपहर बाद अचानक तेज बारिश ने कारीगरों की मेहनत पर पानी फेर दिया। इस दौरान अपने-अपनें पुतलों को बचाने के लिए कोई उन्हें त्रिपाल से ढक रहा था तो कोई अपनी झोपड़ी में खींचकर गया। कारीगरों का पूरा परिवार पुतलों को बारिश से बचाने में जुटा हुआ था, लेकिन बारिश इतनी तेज आई थी कि ज्यादातर पुतले तहस-नहस हो गए। इस दौरान महिला कारीगर हेमा अपने पुतलों को बारिश में बर्बाद होते देखकर रो पड़ी। क्योंकि पुतलों को बचाने का उसके पास कोई इंतजाम नहीं था। बांसखेड़ी और लिंक रोड-3 पर शनिवार को रावण बनाने वाले कारीगरों का यही हाल था। बता दें कि सिर्फ भोपाल शहर में 300 कारीगर हैं, जो रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले बनाने में जुटे हैं। कारीगर हेमा ने बताया कि दोपहर 2 बजे के करीब हम लोग धूप में काम कर रहे थे और इसी दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई, इसके चलते हम अपना जितना माल बचा सकते थे, बचाया। हमारे बच्चे भी हमारे साथ जुट गए थे, मगर हमारे द्वारा बनाए गए सारे रावण खराब हो गए। वहीं रावण कारीगर डीएल वर्मा ने कहा हम सभी लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। इस सिलसिले में हम सभी मंत्री पीसी शर्मा से मिलने उनके निवास पर पहुंचे। हालांकि मंत्री उन्हें नहीं मिले। उनके पीए ने रविवार को मिलने का आश्वासन दिया।

हर एक कारीगर को हुआ 2022 हजार रुपए का नुकसान

बांसखेड़ी पर डेरा जमाए कारीगर राजकुमारी ने बताया कि हम लोग यहां कई वर्षों से रावण के पुतले बना रहे हैं, सिर्फ बांसखेड़ी एरिया में 60-70 कारीगर काम करते हैं। यहां हर व्यक्ति को 20-22 हजार रुपए का नुकसान सिर्फ एक बारिश में हो गया है। गौरतलब है कि भोपाल शहर में करीब 300 से अधिका कारीगर हैं, जो हर साल रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले बनाते हैं।

रावण में बमपटाखे तय मानक के भरे जाएं, रावण दहन स्थल पर आतिशबाजी कराएं विशेषज्ञ

भोपाल। कलेक्टर तरुण पिथोड़े, डीआईजी इरशाद वली व नगर निगम आयुक्त बी विजयदत्ता ने शनिवार को निशातपुरा, छोला सहित अन्य रावण दहन स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने रावण दहन स्थल के चारों ओर बेरिकेडिंग करने के निर्देश दिए। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों रखे जाने की हिदायत दी। आस- पास के हॉस्पिटल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपलब्ध रहें। अधिकारियों ने सभी रावण दहन स्थलों पर विशेषज्ञ द्वारा आतिशबाजी अलग से कराए जाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा पुतलों में भरे जाने वाले पटाखे मानक स्तर के हों। कार्यक्रम स्थल पर पहुँच मार्ग को भी व्यवस्थित किया जाए। कलेक्टर ने दशहरा मैदान के बाद र्इंटखेड़ी स्थित इज्तिमा स्थल तथा नादरा बस स्टैंड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बस स्टैंड चौराहे से अतिक्रमण को हटाने को कहा।