वायु’ ने रास्ता बदला, गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं

वायु’ ने रास्ता बदला, गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं

अहमदाबादा/नयी दिल्ली, 13 जूनर् भाषाी मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को बताया कि चव्रच्च्वात ‘वायु’ ने अपना रास्ता बदल लिया है और अब इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव के चलते राज्य के कई तटीय जिलों में भारी बारिश होगी। गुजरात सरकार ने तटीय जिलों में निचले इलाकों और कच्चे मकानों में रह रहे तीन लाख से अधिक लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘इसकेर् चव्रच्च्वात वायु केी तट से टकराने की संभावना नहीं है। यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा। इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है। लेकिन, इसका प्रभाव वहां होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।’’ मौसम विज्ञान विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक देवें्रद प्रधान ने बताया कि चव्रच्च्वात समु्रद में रहेगा और गुजरात तट के किनारे-किनारे गुजरेगा। प्रधान ने कहा, ‘‘इसने थोड़ा सा पश्चिम की तरफ रुख कर लिया है। यह गुजरात तट के किनारे-किनारे गुजरेगा।’’ पहले ऐसा पूर्वानुमान था कि चव्रच्च्वात बृहस्पतिवार अपराह्न तक गुजरात तट से टकराएगा। मौसम विभाग की अतिरिक्त महानिदेशक मनोरमा मोहंती ने अहमदाबाद में पत्रकारों से कहा कि चव्रच्च्वात की दिशा ‘‘मामूली सी’’ बदल गई है। उन्होंने कहा, ‘‘अत्यंत भीषण चव्रच्च्वात ‘वायु’ सौराष्ट्र तट पर नहीं टकराएगा, लेकिन यह तट के किनारे से गुजरेगा और गिर सोमनाथ, जूनागढ़, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका जिलों तथा कें्रद शासित क्षेत्र दीव को प्रभावित करेगा।’’ मोहंती ने कहा, ‘‘चव्रच्च्वात का आंतरिक हिस्सा गुजरात में प्रवेश नहीं करेगा, लेकिन आधा चव्रच्च्वात, इसकी बाहरी परिधि राज्य में प्रवेश करेगी और तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करेगी।’’ चव्रच्च्वात चेतावनी प्रभाग ने सुबह साढ़े आठ बजे के बुलेटिन में कहा, ‘‘काफी संभावना है कि यह कुछ समय तक उत्तर-उत्तर पश्चिमी दिशा की तरफ चलेगा और फिर उत्तर पश्चिमी दिशा में सौराष्ट्र तट के किनारे से गुजरेगा जिससे गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका प्रभावित होंगे । इस दौरान 135 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 13 जून को दोपहर बाद 160 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार की हवाओं में तब्दील हो सकती हैं।’’ मोहंती ने कहा, ‘‘यद्यपि, यह नहीं टकराएगा, लेकिन यह नुकसान कर सकता है और बारिश, बंदरगाह, मछुआरों संबंधी सभी चेतावनी जस की तस हैं।’’ इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि गुजरात सरकार ने तटीय जिलों में निचले इलाकों और कच्चे मकानों में रह रहे तीन लाख से अधिक लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। बंदरगाहों और हवाईअड्डों पर परिचालन तथा बस और ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। तटरक्षक बल, सेना, नौसेना, वायुसेना और सीमा सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं। तटीय जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बलर् एनडीआरएफी की लगभग 52 टीम और सेना की 11 टुकड़ीर् प्रत्येक टुकड़ी में करीब 70 सैनिकी तैनात की गई हैं। इसके अलावा सेना की 24 टुकड़ी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व रखी गई हैं।