कोरोना के साथ जीने की डालनी होगी आदत, बदलेगा ट्रेन-बस का सिस्टम

कोरोना के साथ जीने की डालनी होगी आदत, बदलेगा ट्रेन-बस का सिस्टम

नई दिल्ली। कोरोना का प्रभाव लंबे समय तक रहने के आसार हैं। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी समेत कई दूसरे क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी कह चुके हैं कि अब हमें कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी। इस बीच केंद्र और राज्य सरकारों ने मौजूदा ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। जिस नए सिस्टम की बात हो रही है, वह काफी हद तक यूरोप की तर्ज पर रहेगा। बसों में आधी सीटें खत्म होंगी तो वहीं ट्रेन और मेट्रो के फेरे सात गुना तक बढ़ जाएंगे। मेट्रो कोच या ट्रेन की एक बोगी में सोशल डिस्टेंसिंग के चलते यात्रियों की संख्या आधी होगी। नया सिस्टम यात्रियों की जेब पर भारी पड़ेगा। वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य में नई व्यवस्था के तहत 52 सीट वाली बस में अब 25 यात्री बैठ सकेंगे। ऐसी स्थिति में यात्रियों को दोगुना किराया देना पड़ेगा।

ट्रेन के एक कंपार्टमेंट में 8 की जगह 3-4 यात्री ही करेंगे सफर

बसों में कोरोना के लक्षणों की रेंडम जांच होगी। लॉकडाउन खुलने के बाद रेलवे पहले चरण में केवल लंबी दूरी की ट्रेनें चलाएगा। एक बोगी में यात्रियों की संख्या आधी होगी। इससे किराया भी दोगुना बढ़ सकता है। सभी गाड़ियों में से एसी कोच हटाए जा रहे हैं। एक कंपार्टमेंट की 8 सीटों में से तीन-चार पर ही यात्री रहेंगे।

यूरोप की तर्ज पर बनेगा नया सिस्टम

अब जो सिस्टम बनेगा, वह यूरोप की तरह नजर आएगा। सोशल डिस्टेंसिंग के हिसाब से ट्रक व बसें तैयार होंगी। इनका जीवनकाल भी लंबा रहेगा। हर एक वाहन में हैंड वॉश, सैनिटाइजर, फेस मास्क और दस्ताने आदि की व्यवस्था की जाएगी।

सभी राज्य एक जैसा ट्रांसपोर्ट सिस्टम करें लागू

हम परिवहन को लेकर बस मालिकों के साथ चर्चा कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि सभी राज्यों में कोरोना से बचाव वाला एक समान ट्रांसपोर्ट सिस्टम लागू हो। जब बसों की सीट आधी होंगी तो किराया भी दोगुना बढ़ेगा।

कोरोना के बाद ये बदलाव देखने को मिलेंगे

* बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन की टिकट खिड़की बंद करने पर विचार

* ऐसे स्थलों पर थर्मल इमेजिंग कैमरे लगाए जाएंगे

* कंडक्टर टिकट देने की बजाए यात्रियों की सोशल डिस्टेंसिंग पर अधिक ध्यान रखेंगे

* गाड़ियों में ड्रॉप बॉक्स होगा, इसमें टिकट का पैसा डालना होगा

* टिकट का दाम ऐसा रहेगा, जिसमें खुल्ले पैसे का चक्कर खत्म हो जाएगा

* ट्रेन के फेरे मेट्रो की तर्ज पर बढ़ेंगे

* मेट्रो की फ्रीक्वेंसी छह गुना तक बढ़ानी पड़ेगी

* ट्रेनों के फेरे भी 14 गुना बढ़ाए जाएंगे

* बसों के ड्राइवर ट्रांसपेरेंट शीशे वाले केबिन में रहेंगे

* स्टाफ के लिए मास्क व दस्ताने पहनना अनिवार्य ट्रेन व बस में स्वास्थ्य कर्मी तैनात रहेंगे

* ई-पेमेंट और डिजिटल टिकट व्यवस्था लागू होगी

* बसों की संख्या तीन गुना तक बढ़ानी पड़ेगी

* स्टेशन या बस स्टॉप पर साइकिल लेन बनेंगी

* इसके लिए सड़कों पर अलग अलग रंग वाली लेन तैयार होंगी