हब्स आफ लर्निंग के जरिए देशभर के स्कूल्स आपस में जुड़कर कराएंगे पढ़ाई

हब्स आफ लर्निंग के जरिए देशभर के स्कूल्स आपस में जुड़कर कराएंगे पढ़ाई

भोपाल ।   पीपुल्स पब्लिक स्कूल में ‘लीड कोलावरेटर हब्स आफ लर्निंग प्रिंसिपल्स’ वर्कशॉप अयोजित की गई। यह वर्कशॉप पीपुल्स ग्रुप के सभागार में आयोजित हुई। इस वर्कशॉप में मध्यप्रदेश के सीबीएसई मान्यता प्राप्त लगभग 72 स्कूलों के प्रिंसिपल्स ने भाग लिया। पीपुल्स पब्लिक स्कूल की प्राचार्या प्रीति सिंह ने सभी प्रिंसिपल का स्वागत किया। इसके बाद कार्यक्रम का शुभारंभ रिसोर्स परसन जयदेब कार प्रिंसिपल विद्या भवन स्कूल इंदौर और जीके उगादता प्रिंसिपल देव बोरल पब्लिक स्कूल बीना ने किया। इस वर्कशॉप का मूल उद्देश्य केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूल में सिलेबस के साथ क्वालिटी एजुकेशन और नॉलेज शेयरिंग को बढ़ावा देना है ताकि सीखने की पद्धति रचनात्मक और क्रियात्मक हो। इसके पीछे सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के समान सिलेबस होने के वाबजूद स्कूलों में शिक्षा का माहौल और रिजल्ट में बहुत अधिक अंतर आना है। इसी अंतर को दूर करने के लिए सीबीएसई प्रत्येक स्कूल को आपस में जोड़ना चाहता है या जोड़ रहा है। हब्स आफ लर्निंग में यह स्कूल आपस में जुड़ेगें तो अकादमिक माहौल में सुधार होगा साथ ही स्कूल टीचिंग लर्निंग मटेरियल भी उपयोग कर सकेंगे । रिसोर्स पर्सन जयदेब कार ने विभिन्न स्कूल के प्रिंसिपल से सीखने में उपयोग लाने वाले तरीकों को जाना आपस में साझा किया और सीखने के विभिन्न तरीकों का सुझाव दिया।

लेसन से संबंधित एक्टिविटी से जल्दी सीखते हैं स्टूडेंट्स..

. पीपुल्स पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल प्रीति सिंह ने भी बताया कि लेसन पढ़ाने से पहले बच्चों को सब्जेक्ट से संबंधित सवाल पूछे जाते है, जिससे स्टूडेंट्स में सब्जेक्ट को समझने और जानने को इच्छुक हो जाते है। इसके बाद लेसन से संबंधित गतिविधि कराने से बच्चा जल्दी समझता और सीखता है। उगादता ने वर्कशॉप में यह बताया कि इस तरीके से सभी स्कूल अपने अनुभव साझा करेंगे और अपने संसाधनों को अन्य स्कूलों से जोड़ेगे। उन्होनें कहा कि देशभर के स्कूल को हब में बांटकर एक हब में पांच या उससे ज्यादा स्कूल होंगे। स्कूल आपस में विभिन्न गतिविधि करेंगे और एक दूसरे का सहयोग करेंगे और आपस में मिलकर संयुक्त गतिविधि करवाएंगे।