लीथियम आयन बैटरी बनाने के लिए तीन वैज्ञानिकों को केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार

लीथियम आयन बैटरी बनाने के लिए तीन वैज्ञानिकों को केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार

स्टॉकहोम। साल 2019 का रसायन विज्ञान का नोबेल प्राइज तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से देने का ऐलान किया गया है। ये तीन नाम हैं जॉन बी गुडइनफ, एम स्टैनली विटंगम और अकीरा योशिनो। 97 साल के जॉन गुडइनफ अमेरिकी प्रफेसर हैं और इतनी उम्र में नोबेल पाने वाले पहले शख्स हैं। इसके अलावा विटंगम स्टैनली विटंगम इंग्लिश-अमेरिकन केमिस्ट हैं और वर्तमान में बिंगम्टन यूनिवर्सिटी में प्रफेसर हैं। अकारी योशिनो जापानी साइंटिस्ट हैं। वह लीथियम आयन बैटरी के अविष्कारक भी हैं। लीथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप से लेकर ई िवहीकल्स आदि में किया जाता है। निर्णायक मंडल ने कहा, इन हल्की, बार-बार रिचार्ज हो सकने वाली और शक्तिशाली बैटरियों का इस्तेमाल अब मोबाइल फोन से लेकर लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों आदि सभी में होता है। इनमें सौर और पवन ऊर्जा स्टोर की जा सकती है।