उधार न लौटाने पर हुई बेइज्जती का बदला लेने की थी परिवार की हत्या

उधार न लौटाने पर हुई बेइज्जती का बदला लेने की थी परिवार की हत्या

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में सनसनी मचा देने वाले हत्याकांड के दोषी को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। 28 साल के प्रभु चौधरी ने उधार न लौटाने पर हुई कथित बेइज्जती का बदला लेने के लिए अपने एक रिश्तेदार के परिवार के पूरे परिवार को खत्म कर दिया। घटना की जानकारी लोगों को तब मिली जब उनके घर से गंदी बदबू आनी शुरू हुई। उत्तर-पूर्व दिल्ली के भजनपुरा में बुधवार को एक ही घर में 5 शव संदिग्ध हालत में मिले थे। मृतकों की पहचान शंभूनाथ चौधरी (43), पत्नी सुनीता (37), बेटा शिवम (17) व सचिन (14) और बेटी कोमल (12) के रूप में हुई। आरोपी प्रभु, शंभु की बुआ का बेटा है। उसने बताया कि उधार लिए गए 30 हजार रुपए नहीं लौटाने पर शंभु की पत्नी सुनीता ने उसकी बेइज्जती की थी और इसी का बदला लेने के लिए उसने सबकी हत्या की। प्रभु ने बताया कि उसने सबसे पहले सुनीता की हत्या की। उसने दोपहर 3:30 बसे से राज 11 बजे के बीच पांचों हत्या को अंजाम दिया।

भाई ने दस दिन पहले की थी बात: घटना पर शंभू के भाई ने कहा, 'मैं बिहार गया था और बुधवार को वापस आया हूं। मेरी शंभूजी से 10 से 12 दिन पहले बात हुई थी। वह ई-रिक्शा चलाते थे। पत्नी के साथ उनकी कोई अनबन नहीं थी। उनके तीन बच्चे यमुना विहार के सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। मैं स्कूल गया तो पता चला कि बच्चे अंतिम बार 3 फरवरी को स्कूल गए थे। पुलिस को 11:16 बजे पड़ोसी ने फोन कर बताया कि एक घर से दुर्गंध आ रही है। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा। घर में घुसने पर 5 लाश सड़ी-गली हालत में मिली। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया गया।

यह है मामला

बता दें कि भजनपुरा 'सी' ब्लॉक के मकान नंबर 275 से यह बदबू आ रही थी। इस मकान के ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाला परिवार करीब पांच-छह दिन से दिखा नहीं था। मकान के बाहर से ताला लगा हुआ था। बदबू असहनीय हो जाने के बाद स्थानीय दुकानदार ने पुलिस कॉल कर बदबू आने की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घर का ताला तोड़ा और अंदर जो कुछ था उसे देखकर सभी हैरान रह गए। वहां पांच लोगों के शव पड़े हुए थे।

पहले महिला और बच्चों को मारा, फिर पिता की हत्या कर दी

पवन गुप्ता का केस लड़ने के लिए वकील नियुक्त निर्भया के दोषी पवन गुप्ता का केस लड़ने से एपी सिंह के इनकार के बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने रवि काजी को वकील नियुक्त किया है। कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 21 अंतिम सांस तक दोषियों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करता है। पूर्वी रेंज के जॉइंट सीपी आलोक कुमार ने मीडिया को बताया कि आरोपी 28 साल का है और उसे दिल्ली से अरेस्ट किया गया है। उसने बताया कि उसकी परिवार की महिला सदस्य से पैसों को लेकर लड़ाई हुई थी। इसके बाद उसने महिला व बच्चों की रॉड से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने महिला के पति को भी मार डाला। मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि इससे पहले, जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि हमलावर ने पहले पीड़ितों के सिर पर हथौड़े से वार किया और फिर शवों को आरी से काटा गया। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।