घुट रहा झील का दम :पाथ-वे बनाने के लिए खानूगांव से कोहेफिजा तक बड़े तालाब में भर दी गई 600 ट्रक मिट्टी

घुट रहा झील का दम :पाथ-वे बनाने के लिए खानूगांव से कोहेफिजा तक बड़े तालाब में भर दी गई 600 ट्रक मिट्टी

भोपाल  । राजधानी की लाइफ लाइन बड़ी झील को बचाने की जिम्मेदारी जिन एजेंसियों पर है, वे ही झील का गला घोंटने पर आमादा हैं। हालत यह है कि झील के किनारे जानबूझकर निर्माण करवाए जा रहे हैं। हाल ही में खानूगांव से कोहेफिजा तक शुरू किया गया पाथ-वे का निर्माण इसी का उदाहरण है। इसे बनाने के लिए नगर निगम कैचमेंट एरिया में 600 ट्रक से ज्यादा मिट्टी उढ़ेल चुका है। हालांकि नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह की फटकार के बाद काम रोक दिया गया है। मंत्री जयवर्धन सिंह से इसकी शिकायत झील संरक्षण के लिए काम कर रही संस्थाओं ने की थी। अब इस मामले में झील संरक्षण प्रकोष्ठ अधिकारियों की दलील है कि पाथ- वे बनाए जाने की कोई योजना ही नहीं है। तालाब से निकली गई गाद को ले जाने वाले ट्रकों के लिए मिट्टी डालकर रास्ता बनाया गया है।

तिलतिल कर मार रहे बड़े तालाब को

* 3200 हैक्टेयर में फैले बड़े तालाब के कैचमेंट में खानूगांव के कब्जे, बैरागढ़ के मैरिज गार्डन, सीहोर के गांव की ओर से अतिक्रमण ल्जारी हैं।

* नगर निगम भवन अनुज्ञा शाखा आज भी अतिक्रमणग्रस्त इलाकों में बिल्डिंग परमिशन जारी कर रही है। तर्क है कि अनुमतियां रजिस्ट्री और नामांतरण के बाद दी जा रही हैं।

* खानूगांव, बैरागढ़, श्यामला हिल्स, पुराने शहर से अनेक सीवर लाइनें और नाले सीधे तालाब में गिरते हैं। नगर निगम के फिल्टर प्लांट पानी को साफ नहीं कर पाते।

* नगर निगम ने लेजर शो आॅडिटोरियम के नाम पर वन विहार के पास पक्का निर्माण किया है।