अप्रैल में जितनी यूनिट का भेजा बिल, मई तक नहीं जली

The bill sent for the unit in April, did not burn till May

अप्रैल में जितनी यूनिट का भेजा बिल, मई तक नहीं जली

ग्वालियर। बिजली कंपनी ने अप्रैल में उपभोक्ताओं को एवरेज बिल के नाम पर अनाप-सनाप बिल भेजे दिए। अधिक यूनिट के बिल से दो चार उपभोक्ता नहीं, बल्कि अधिकतर उपभोक्ता परेशान हैं। गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इस भरी गर्मी में बिजली कंपनी द्वारा भेजे गए अनाप-सनाप बिलों को सही कराने के लिए उपभोक्ताओं को भरी गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है, ऐसा ही एक मामला सामने आया रामदास घाटी निवासी महेन्द्र प्रताप सिंह का। इनका कहना है कि कंपनी ने जितने यूनिट की खपत का बिल अप्रैल में भेजा वह 22 मई तक नहीं जली है। 184 का बिल 1444 का भेजा। कई चक्कर काटने के बाद बिल सही करवाकर भुगतान करवाया गया, परंतु रीडिंग पुरानी वाली शो कर रहा है। 31 अप्रैल को रीडिंग 779 दिखाई गई थी, जबकि आज दिनांक तक 735 रीडिंग 22 मई तक नहीं हुई है। यह एक अकेला मामला नहीं हैं ऐसे ही अधिक बिल के हर रोज मामले सामने आ रहे हैं। बिजली कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं के बिल की समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न जोन बिल निराकरण शिविर भी लगाए जा रहे हैं यहां पर पहुंचने के बाद भी उपभोक्ताओं को कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

सरचार्ज की अतिरिक्त मार

दूसरी ओर बिजली कंपनी द्वारा अप्रैल में लोगों के यहां जो एवरेज बिल भेजे गए हैं वह अभी भी परेशानी का सबब बने हुए हैं जो लोग करंट मीटर रीडिंग के बिल इंतजार में बैठे थे उनको 15 मई के बाद बिल जमा करने पर एक फीसदी से अधिक सरचार्ज देना पड़ रहा है। बिजली कंपनी ने आउटसोर्स के माध्यम से स्पॉट बिलिंग का काम तो शुरू कर दिया है, लेकिन शहरभर में मौजूद 2 लाख 63 हजार उपभोक्ताओं में से कुछ उपभोक्ताओं के पास ही करंट बिल नहीं पहुंचे है। अप्रैल के बिल एवरेज के भेजे गए थे, अभी स्पॉट बिलिंग शुरू हो चुकी है। अब जून के बिलों को भरने के लिए बिल आने की दिनांक से 15 दिनों का समय लगेगा। जिन उपभोक्ताओं के पास अभी भी बिल नहीं पहुंचे हैं उन्हें जल्द बिल मिलेंगे। सभी जोन को निर्देशित किया है कि उपभोक्ता की समस्या का शीघ्र निराकरण होना चाहिए। इसके बाद भी कोई समस्या है तो उपभोक्ता हम से आकर मिल सकता है।

बिजली की खपत रही कम-
कोरोना के डर से लॉक डाउन के दौरान घरों में बैठे रहे शहरवासियों का असर बिजली विभाग की खपत पर भी नजर आया और गत वर्ष की तुलना में इस साल मई के माह में बिजली की खपत गत वर्ष की तुलना में कम रही। इस समय प्रतिदिन दिन घरेलू उपभोक्ता की खपत पिछले साल से 13 फीसदी कम चल रही है और प्रतिदिन 47 लाख यूनिट की खपत हो रही है जबकि पिछले साल की बात की जाए तो यह 50 लाख यूनिट के पार पहुंच रही थी। कंपनी के अधिकारियों की माने तो अभी पांच दिनों पहले तक 18 फीसदी खपत कम हो रही है, गर्मी एवं बाजार खुलने से मामूल खपत बढ़ी है।