संवेदनशीलता के अभाव में होता है असमानता का व्यवहार

संवेदनशीलता के अभाव में होता है असमानता का व्यवहार

भोपाल।  भोपाल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मे तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के तृतीय चरण के एक्विटी एक्शन प्लान के अंतर्गत महिला उत्पीड़न के रोकथाम एवं लिंग विविधता हेतु संवाद विषय पर ‘हारमोनी’ कार्यक्रम विश्वविद्यालय के सभागार मे आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विशाखा समिति के दिशा निर्देश एवं पोश अधिनियम पर आधारित था। इसके माध्यम से कार्यस्थलों पर महिलाओं कि भागीदारी बढ़ाने एवं लिंग भेद को समाप्त कर समानता को बढ़ावा दिया जाना है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील कुमार, समन्वयक तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम प्रो. एससी चौबे, कॉपोर्रेट ट्रेनर नई दिल्ली नवीन भाटिया और आकांक्षा खरे ने कार्यक्रम मे उपस्थित प्रोफेसर्स और स्टूडेंट्स को संबोधित किया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि असमानता कि चर्चा करना एक संवेदनशील विषय है कई बार निर्णयों मे शब्दों का चयन ठीक नहीं होने के कारण, कार्यस्थल पर कार्यसंस्कृति एवं अनुशासन की कमी व समयानुसार आवश्यकता पूर्ति न होने के कारण विभेद खड़ा हो जाता है।