तेलंगाना में 1 किलो प्लास्टिक कचरे के बदले मिल रहा 1 किलो चावल

तेलंगाना में 1 किलो प्लास्टिक कचरे के बदले मिल रहा 1 किलो चावल

हैदराबाद देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन और तमाम दूसरे उपाय कर रही हैं। बीते दिनों छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक गार्बेट कैफे खोला गया, जहां प्लास्टिक कचरा लाओ और भरपेट खाना खाओ की मुहिम शुरू हुई, वहीं अब इस कड़ी में तेलंगाना के मुलुगू जिले के गांवों में 1 किलो प्लास्टिक कचरा लाने पर 1 किलो चावल मुμत दिए जाने की योजना शुरू की गई है। जिला कलेक्टर ने की योजना की पहल: जिले के गावों में प्लास्टकि कचरा जमा करने के लिए सेंटर्स बनाए गए हैं। यहां कोई भी इंसान 1 किलो प्लास्टिक कचरे के बदले में 1 किलो चावल ले सकता है।यह व्यवस्था जिला कलेक्टर सी. नारायण रेड्डी के सुझाव और निर्देशों को ध्यान में रखकर की गई है। यह योजना जिले के लोगों में प्लास्टिक कचरा लेकर जागरूकता फैलाने के लिए किया गया है।

वाइल्डलाइफ सेंचुरी के लिए प्रसिद्ध है मुलुगू जिला

कलेक्टर के निर्देश पर पूरे जिले में 250 कलेक्शन सेंटर्स की शुरुआत की गई है। मुलुगू जिला अपने वाइल्डलाइफ सेंचुरी के लिए आकर्षण का केंद्र है। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। लेकिन प्लास्टिक कचरे के कारण जंगलों को बहुत नुकसान पहुंच रहा है। इस योजना के लागू होते ही जिले के लोगों ने प्लास्टिक कचरा जमा करने की कवायद शुरू कर दी है।

पैसे या चावल से कर सकते हैं प्रशासन की मदद

जिले के टैक्स अधिकारी ऐसे लोगों से लगातार संपर्क में हैं जो कार्यक्रम को चलाने में मदद कर सकें। लोगों से पैसे या फिर चावल दान करने के लिए कहा जा रहा है। वहीं अधिकारी गांवों में बैठकें कर रहे हैं, जिसमें लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की जा रही है।

सीमेंट कंपनियों को दे दिया जाएगा कचरा

हर दिन जो प्लास्टिक कचरा जमा होगा, उसे सीमेंट बनाने वाली कंपनियों को दिया जाएगा। जिला प्रशासन सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन की तैयारी में है। ऐसे में सड़क किनारे दुकान चलाने वाले वेंडर्स से भी इस ओर सहयोग की अपील की गई है।

फिलीपींस में भी चल रही है ऐसी ही योजना

फिलीपींस की राजधानी मनीला के बायानान गांव में नागरिकों को दो किलो प्लास्टकि कचरे के बदले में 1 किलो चावल दिया जा रहा है। फिलीपींस में भी इस स्कीम से स्थानीय नागरिक खुश हैं।