निलंबित सहायक आबकारी आयुक्त ने किया है बैंक गांरटी का घोटाला

निलंबित सहायक आबकारी आयुक्त ने किया है बैंक गांरटी का घोटाला

ग्वालियर ।  निलंबित सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही है, क्योंकि ठेकेदारों को बिना बैंक गांरटियों के लाइसेंस देने की प्रदेश स्तरीय जांच में ग्वालियर में गड़बड़झाला पकड़ में आया है। इसमें अधिकारियों ने बिना बैंक गांरटी/एसबीआई की बता यूको बैंक की गांरटी देने पर लाइसेंस इश्यू करने की गंभीर अनियमिताएं उजागर हुई हैं। मामले में संभागीय उपायुक्त ने जांच कर प्रदेश स्तरीय अधिकारियों को परीक्षण के लिए रिपोर्ट भेज दी है। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए प्रदेश स्तरीय शराब ठेकों के नवीनीकरण की प्रक्रिया के चलते बिना बैंक गारंटी के ठेकेदारों को लाइसेंस देने संबंधी हंगामे पर प्रभारी आबकारी आयुक्त बीएम शर्मा ने प्रदेश स्तर पर जांच शुरू करवाई थी, जिसके चलते ग्वालियर में हुई जांच में काशी इन्फ्राटेÑड प्रा.लि. डायरेक्टर मयंक शिवहरे को आमखो देशी मदिरा दुकान के लिए बैंक गांरटी अवधि 30 अप्रैल 2018 के विरूद्ध 11 मई 2018 को लाइसेंस जारी कर दिया गया। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2019-20 में कमला इन्फ्राटेड कॉम प्रा.लि. डायरेक्टर प्रवीण शिवहरे को जिंसीनाला समूह के लिए सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा द्वारा जिस बैंक गांरटी का उल्लेख किया गया, वह बैंक गारंटी न होकर केवल बैंक में गांरटी के लिए प्रचलित मात्र पत्र था। वहीं वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए गोवर्धन नाथ गुप्ता एंड कंपनी को पार्टनर अमित गुप्ता के नाम से लाइसेंस दे दिया गया, जबकि इनके द्वारा दी बैंक गांरटी व एकाउंट एसबीआई लक्ष्मीगंज के अलावा एकाउंट यूको बैंक नया बाजार स्वीकार की गई।

निलंबन मामले में नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत

निलंबित सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा ने अपने आदेश के विरूद्ध हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिससे उन्हें स्टे मिल सके। लेकिन न्यायालय ने कोई राहत नहीं दी और मामले में दोनों पक्षों को जवाब देने के लिए कहा गया है। जानकारों की मानें तो निलंबित अधिकारी विवादित शराब ठेकेदारों के पड़ोसी बताए जाते हैं।