विश्व चैम्पियनशिप में वापसी के बाद सुशील पहले दौर में ही बाहर

विश्व चैम्पियनशिप में वापसी के बाद सुशील पहले दौर में ही बाहर

नूर-सुल्तान। अनुभवी पहलवान सुशील कुमार की विश्व चैम्पियनशिप कुश्ती में आठ साल बाद वापसी महज छह मिनट तक रही और उन्हें शुक्रवार को यहां शुरुआती दौर में अजरबेजान के खादजिमुराद गादजिएव से हार का सामना करना पड़ा। दो बार के ओलंपिक पदकधारी पहलवान सुशील ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए 9-4 की बढ़त बना ली थी, लेकिन लगातार सात अंक गंवाकर वह 74 किग्रा क्वालीफिकेशन दौर का मुकाबला 9-11 से हार गये। अजरबेजान का पहलवान इसके बाद अपनी क्वार्टरफाइनल मुकाबले अमेरिका के जोर्डन अर्नस्ट बरो से हार गया जिससे सुशील चैम्पियनशिप से बाहर हो गये। छत्तीस साल का यह पहलवान लंबे समय से फार्म से जूझ रहा है और एशियाई खेलों में भी वह पहले दौर से बाहर हो गया था। जकार्ता में मिली हार के बाद वह बेलारूस में ंिमस्क में हुई प्रतियोगिता मैट पर उतरे थे जिसमें वह पांचवें स्थान पर रहे। सुशील ने माना कि उनमें दमखम की कमी थी लेकिन उन्होंने भविष्य में बेहतर प्रदर्शन का वादा किया। सुशील ने कहा कि मुझे मैट पर अच्छा लगा। मैं तेज नहीं था लेकिन निश्चित रूप से दमखम की कमी थी। मुझे अपने डिफेंस पर भी काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लेकिन मैं इस वापसी से खुश हूं। मैं एशियाई खेलों की तुलना में यहां बेहतर खेला। आगामी दिनों में आप बेहतर प्रदर्शन देखोगे। मेरे कोच उन टूर्नामेंट के लिये योजना बना रहे हैं जिनमें मुझे खेलना है। मैं अब एशियाई प्रतियोगिताओं से ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने की कोशिश करूंगा। सुशील ने 0-2 से पिछड़ने के बाद चार अंक के थ्रो से वापसी कर बढ़त बना ली और चार अंक के थ्रो से फिर इसे मजबूत भी कर दिया। अजरबेजान के खेमे ने इस थ्रो को चुनौती दी लेकिन उनकी अपील ठुकरा दी गयी जिससे भारतीय पहलवान को एक अतिरिक्त अंक मिला और ब्रेक तक सुशील ने 9-4 की बढ़त बना ली। दूसरे पीरियड में अजरबेजान के पहलवान का कब्जा रहा, जिसमें उन्होंने सुशील को धक्का दिया और उन्हें नीचे गिराकर अंक जुटा लिये। समय बीत रहा था लेकिन सुशील थके हुए दिख रहे थे जिससे गादजिएव ने दो और अंक जुटा लिये और फिर दो अंक के थ्रो से बाउट जीत ली। सुशील एकमात्र भारतीय पहलवान हैं जिन्होंने 2010 में मास्को में विश्व खिताब जीता है। अन्य वर्गों में जिसमें ओलंपिक क्वालीफिकेशन दांव पर था उसमें अन्य भारतीयों में सुमित मलिक 125 किग्रा की पहले दौर का मुकाबला 0-2 से गंवा बैठे। उन्हें हंगरी के डेनियल लिगेटी ने मात दी जो बाद में क्वार्टरफाइनल में हार गये। भारत ने पुरुष वर्ग में अभी तक यहां बजरंग पूनिया (65 किग्रा) और रवि दहिया (57 किग्रा) की बदौलत दो ओलंपिक कोटे हासिल कर लिये हैं। वहीं करण गैर ओलंपिक 70 किग्रा वर्ग में अपने क्वालीफिकेशन दौर के मुकाबले में उज्बेकिस्तान के इख्तियोर नावरूजोव से 0-7 से हार गये। प्रवीण ने 92 किग्रा में मुकाबला कोरिया के चांगजाए सु के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता के बूते जीत ली लेकिन बाद में उन्हें यूक्रेन के लियूबोमिर से 0-8 से हार का मुंह देखना पड़़ा।