लॉकडाउन में रंगकर्मी पढ़ रहे कहानियां और लिख रहे नए नाटकों की स्क्रिप्ट

लॉकडाउन में रंगकर्मी पढ़ रहे कहानियां और लिख रहे नए नाटकों की स्क्रिप्ट
लॉकडाउन में रंगकर्मी पढ़ रहे कहानियां और लिख रहे नए नाटकों की स्क्रिप्ट
लॉकडाउन में रंगकर्मी पढ़ रहे कहानियां और लिख रहे नए नाटकों की स्क्रिप्ट
लॉकडाउन में रंगकर्मी पढ़ रहे कहानियां और लिख रहे नए नाटकों की स्क्रिप्ट

I AM BHOPAL ।  कोरोना वायरस के चलते सिटी के थिएटर ग्रुप्स और वर्कशॉप्स पूरी तरह से बंद हैं। ऐसे में सिटी के थिएटर आर्टिस्ट्स को लॉकडाउन में अपनी- अपनी स्क्रिप्ट पर काम करने का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता था। सभी वरिष्ठ रंगकर्मी इन दिनों लिटरेचर बुक्स के पन्ने टटोलने में लगे हैं और एक अच्छी कहानी पर आधारित एक स्क्रिप्ट लिखने में लगे हुए है। वहीं कुछ डायरेक्टर्स और राइटर्स वाट्सएप ग्रुप बनाकर अपनी स्क्रिप्ट शेयर कर सुधार कर रहे हैं।  ऑनलाइन  रहते हुए सभी आपस में स्क्रिप्ट डिस्कस कर लॉकडाउन के बाद अपनी लिखी स्क्रिप्ट्स पर वर्कशॉप और प्रोडक्शन पर काम करेंगे।

पहली बार मिला स्क्रिप्ट लिखने का टाइम

अभी मैं घर पर किताबें पढ़ रहा हूं साथ में क्वॉरेंटाइन पीरियड में नई स्क्रिप्ट पर काम कर रहा हूं। यही समय है जहां शांति से और आराम से नए सब्जेक्ट्स को एक्स्प्लोर करते हुए स्क्रिप्ट लिखी जा सकती है। मैं जो स्क्रिप्ट लिख रहा हूं वह सात लोगों पर आधारित है। अभी इस नाटक का शीर्षक तय नहीं हुआ है। हर कैरेक्टर एक चरण से गुजरता हुआ जिंदगी जीता है। कैरेक्टर अपने-अपने जीवन के काम को पूरा करते हुए एक दिन दुबारा मिलते है? और एक बिंदु पर इकट्ठे हो जाते है। हर कैरेक्टर की अपनी विशेषता है वो कहीं न कहीं जीवन के पहलुओं को समाज के सामने प्रस्तुत करता है। नाटक के एक दो सीन लिखे जा चुके है नाटक की स्क्रिप्ट एक से डेढ़ महीने के अंदर तैयार हो जाएगी। ये मेरा पहला एक्सपीरियंस जब मुझे कोई स्क्रिप्ट लिखने का मौका मिलेगा इसलिए काफी वक़्त ले रहा हूं। - विशाल चतुवेर्दी, थिएटर आर्टिस्ट

बच्चों के लिए स्क्रिप्ट लिख रहा

मैं अपने समय का सदुपयोग करते हुए विष्णुदत्त शर्मा की कहानी बगुला भगत की स्क्रिप्ट तैयार करने में लगा हूं। मैं खासतौर पर बच्चों के लिए ही स्क्रिप्ट पर काम कर रहा हूं। मेरी स्क्रिप्ट को पूरा करने में मुझे समय लगेगा। पहले कहानी को पढ़ता हूं और उसे समझकर बच्चों के हिसाब से डायलॉग लिख रहा हूं। जब यह स्क्रिप्ट तैयार हो जाएगी इसमें संगीत और गीत से तैयार करूंगा। इस मुश्किल समय में भले ही वर्कशॉप और प्रैक्टिस बंद हो गई हो, लेकिन थिएटर के नए कलाकार भी फोन कर ऑनलाइन  अपनी- अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं। मैं भी कोशिश करता हूं आॅनलाइन आकर उनकी तैयारियां देखूं वही मुझे जहां भी सुधार की गुंजाइश दिखती है मैं टिप्स देता हूं। वैसे भी किसी भी रंगकर्मी को परिस्थिति का सामना करने को हमेशा तैयार रहना चाहिए। -प्रेम गुप्ता, वरिष्ठ रंगकर्मी

वाट्सएप ग्रुप पर भेज रहे स्क्रिप्ट

मैं अभी दो तरह की स्क्रिप्ट पर काम कर रही हूं। जयशंकर प्रसाद की श्रेष्ठ नाटक कृतियों में से एक ध्रुव स्वामिनी पर काम कर रही हूं और इस स्क्रिप्ट पर लगातार काम करूं तो एक महीने में प्रॉडक्शन भी तैयार हो जाएगा। वहीं दूसरा 'द्रोपदी' पर बैले के लिए स्क्रिप्ट लिख रही हूं। इसमें द्रौपदी और कृष्ण के संबंध के बारे में दिखाउंगी। इसमें दोनों के बीच में कॉन्ट्रडिक्शन है साथ ही बहुत समय में 'जीवनधर' को पढ़ भी रही हूं जिसे शिवाजी सावंत ने लिखा है। इन किताबों से रेफरेंस लेकर स्क्रिप्ट तैयार की जा रही है। मेरी इच्छा है कि ऐसी स्क्रिप्ट पर काम करू जो कंट्राडक्टरी भी है जिसे दर्शक काफी पसंद करेंगे। मेरे लिए क्वारेंटाइन का यह समय बहुत लाभदायक साबित हो रहा है। कम से कम कुछ नया और फ्रेश लिखने का मौका तो मिला। - वैशाली गुप्ता, डायरेक्टर