मानव तस्करी मामले में श्वेता स्वप्निल जैन बरी, लेकिन जेल से बाहर नहीं आ सकेंगी

मानव तस्करी मामले में श्वेता स्वप्निल जैन बरी, लेकिन जेल से बाहर नहीं आ सकेंगी

भोपाल। हनीट्रैप से जुड़े मानव तस्करी मामले में बुधवार को एडीजे भरत कुमार व्यास की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में श्वेता स्वप्निल जैन को बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने दो दिन चली सुनवाई के बाद यह निर्णय दिया। हालांकि वह अभी बाहर नहीं आ सकेगी क्योंकि उस पर अब हनीट्रैप मामले में केस चल रहा है। इधर, मानव तस्करी में शामिल श्वेता विजय जैन, आरती दयाल और अभिषेक सिंह पर आरोप तय कर दिए हैं। भोपाल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मानव तस्करी मामले में पुलिस की एफआईआर और जांच रिपोर्ट में भी श्वेता स्वप्निल जैन का नाम नहीं है। पीड़िता मोनिका ने भी श्वेता स्वप्निल जैन पर कोई आरोप नहीं लगाए थे।

हनी ट्रैप केस में ये धाराएं

पुलिस द्वारा इंदौर की अदालत में पेश चार्जशीट में आरोपी आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता पति विजय, श्वेता पति स्वप्निल, बरखा सोनी, ड्राइवर ओमप्रकाश, अभिषेक ठाकुर के नाम हैं। 6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि एक अभिषेक फरार है।

धारा 370 : मानव तस्करी

धारा 384 : जबरदस्ती वसूली

धारा 385 : ब्लैकमेलिंग

धारा 389 : जबरन वसूली के लिए सजा का भय दिखाना।

धारा 467 : फर्जी दस्तावेज बनाना

धारा 66 ई : निजता का हनन