ट्रांसफर के बाद भी ज्वॉइनिंग नहीं देने वाले 19 लोगों का रोका वेतन

ट्रांसफर के बाद भी ज्वॉइनिंग नहीं देने वाले 19 लोगों का रोका वेतन

ग्वालियर ।    प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद आबकारी में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। इसी कारण शासन के निर्देशों से बंधे अधिकारी- कर्मचारी अपने ट्रांसफर के महीनों बाद भी पदस्थापना स्थल पर ज्वाइनिंग नहीं दे रहे हैं। हालात यह है कि मनमानी पर अमादा अधिकारियों-कर्मचारियों को ज्वाइनिंग देने की बाध्यता के लिए मुख्यालय ने सभी के वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ग्वालियर स्थित आबकारी मुख्यालय से राज्य स्तरीय उड़नदस्ता, समस्त उपायुक्त व सहायक आबकारी आयुक्तों के लिए डेढ़ दर्जन से ज्यादा ज्वाइनिंग ने देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन रोकने संबंधी जारी पत्र किया गया है। जिसमें बताया गया है कि वाणिज्यकर विभाग से स्वीकृति के बाद जारी ट्रांसफर आदेशों की अनदेखी कर अधिकारियों-कर्मचारियों ने पदस्थापना स्थल पर उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई है। इस कारण मुख्यालय पर बैठे अधिकारियों ने सामान्य प्रशासन विभाग की जारी स्थानांतरण नीति की कंडिका 12.02 व 12.03 के अनुसार कार्यमुक्त होने के बाद किसी भी प्रकार का अवकाश का निराकरण प्रशासकीय विभाग के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश के उपरांत व अनुपस्थिति अवधि के वेतन का भुगतान अवकाश अवधि निराकरण के बाद ही करने के निर्देश जारी किए है।

वेतन रुकने वालों में है इनका नाम

आबकारी विभाग के आदेश बाद ज्वानिंग न देने वालों में एडीईओ रितेश कुमार लाल को डिण्डोरी में उपस्थित होना था। इसी क्रम में एडीईओ जावेद अहमद खान को गुना, सीमा सक्सैना को शिवपुरी, धन्नालाल मधुकर को हरदा, विनोद खटीक को सीहोर, राकेश सिंह मण्डलोई को मुरैना, उपनिरीक्षक मुकेश खरे को पन्ना, मुख्य आरक्षक रामनरेश श्रीवास को उज्जैन, रमाशंकर माहौर को भिंड, आरक्षक आलोक चौहान को सीधी, राकेश कुशवाह, यदुनाथ सिंह व शिरोमणि सिंह को शिवपुरी, लेखापाल दीपसिंह सिकरवार को मंदसौर, मुख्य लिपिक गणेश सोनगेरा को खण्डवा, सहायक ग्रेड-2 संजय गायकवाड को बालाघाट के अलावा सालकराम गौड़ ने दमोह में उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई है।