कायाकल्प : शिवपुरी- भिण्ड को टक्कर देने जिला अस्पताल के साथ प्रशासन सक्रिय

कायाकल्प : शिवपुरी- भिण्ड को टक्कर देने जिला अस्पताल के साथ प्रशासन सक्रिय

ग्वालियर कायाकल्प की टीम के हाथों बेहतर रैकिंग हासिल करने के लिए अब जिला अस्पताल प्रबंधन की रैंकिंग सुधारने के लिए अब अस्पताल प्रबंधन के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी जुट गए हैं जिससे जिला अस्पताल की रैंकिंग प्रदेश में सुधर सके। कायाकल्प द्वारा दिए जाने रैंकिंग में शिवुपरी, भिण्ड जिला अस्पताल ने बेहतर मिशाल कायम की है। कलेक्टर अनुराग चौधरी सिविल सर्जन ने डॉ. वीके गुप्ता से कायाकल्प में बेहतर रैंकिंग लाने की बात कहीं थी। गत वर्ष की रैंकिंग में शिवपुरी जिला अस्पताल ने पहला एवं भिण्ड जिला अस्पताल ने प्रदेश में दूसरा स्थान पाया था अब अगर जिला अस्पताल की बात की जाए तो यह अंडर टॉप 20 में भी शामिल नहीं था। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं के लिए जो जिम्मेदार सिविल सर्जन डॉ. गुप्ता इनकी लापरवाही की वजह से रैंकिंग में सुधार तो दूर आए दिन इलाज के लिए मरीज परेशान है और इसी की वजह से यहां की व्यवस्था में सुधार के लिए कलेक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों की रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी लगाई थी और अभी चंद दिनों में एक की जगह-दो-दो प्रशासनिक अधिकारी यहां पर की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए निरीक्षण करने के लिए पहुंच रहे हैं अब देखना यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयास जिला अस्पताल की रैंकिंग में कितना सुधार ला पाते हैं।

भोपाल से जल्द आएगी टीम

कायाकल्प को लेकर जल्द ही भोपाल से टीम आने वाली है यह टीम यहां की सुविधाओं व साफ-सफाई आदि का निरीक्षण करगी इसके बाद रैंकिंग प्रदान करेंगी। गत वर्ष की बात की जाए तो जिला अस्पताल को टीम 100 में केवल 56 अंक ही प्रदान किए थे बेहतर रैंक वाले अस्पताल को टीम द्वारा 10 लाख रुपए प्रदान किए जाते हैं। अभी चंद दिन पहले ही कायाकल्प के जिला मुरैना के नोड़ल अधिकारी डॉ. प्रथमेस उपाध्याय ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था तो इन्हें यहां तक तमाम अव्यवस्थाएं मिली थी, जगह- जगह अव्यवस्थाएं मिली थी जिस पर उन्होंने खासी नाराजगी व्यक्त की थी गंदगी को लेकर मरीजों ने भी शिकायत भी इनसे की थी। इसी तरह डायलेसिस यूनिट में पदस्थ नर्स नसरीन अंसारी एवं साधना नरवरिया बिना आई कार्ड के ड्यूटी पर थे, साथ ही उन्हें कायाकल्प की कोई जानकारी ही नहीं थी। जिसको लेकर उन्होंने दोनों नर्सों की एक दिन की वेतन काटने के निर्देश दिए। इस टीम के खामियां निकालने के दूसरे दिन ही जिला पंचायत सीईओ व एक एडीएम जिला अस्पताल पहुंचे थे।