राजस्थान के प्रतिभागी को राजस्थान के लोक गीत और लोकनृत्य की नहीं थी जानकारी

राजस्थान के प्रतिभागी को राजस्थान के लोक गीत और लोकनृत्य की नहीं थी जानकारी

भोपाल।मप्र नाट्य विद्यालय के वर्ष 2019-20 के तीसरे दिन जजेस पार्टिसिपेंट्स से काफी खुश नजर आए। जजेस का चयन प्रक्रिया में बुधवार को फोकस पार्टिसिपेंट्स के डांस, बॉडी मूवमेंट, इम्प्रोवाइजेशन, स्पीच, कविता, गीत, और रीजनिंग एबिलिटी के साथ साथ ड्रामा की आॅन द स्पॉट सिचुएशन दी गई। जहां पार्टिसिपेंट्स ने अपना हर संभव प्रयास करते हुए जजेस को कुछ पार्टिसिपेंट्स ने खुश किया। कार्यक्रम में एक्टर इश्तियाक आरिफ खान, शिव प्रसाद गौर, हाफिज खान, स्वाति दुबे, द्वारिका दाहिया, स्वास्तिका चक्रवर्ती और सुरेश भरद्वाज व आलोक चटर्जी मौजूद रहे।

हमीदुल्ला नाम सुना है, पढ़ा नहीं

राजस्थान से आए पार्टिसिपेंट नंबर 41 ने बताया कि उन्हें राजस्थान के बारे में बहुत कुछ पता है। लेकिन जब उनसे वहां के लोकगीत और लोक नृत्य के बारे में पूछा गया तो उन्हें जानकारी नहीं थी। गणगौर के बारे में पूछा गया तो वे अच्छे से विस्तार पूर्वक नहीं समझा पाए। साथ ही उनसे पूछा गया कि नाटककार हमीदुल्ला को आपने पढ़ा है ? तब उन्होंने कहा कि नाम सुना है लेकिन पढ़ा नहीं।