मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण का रास्ता खुला तो बारिश ने रोक दिया काम

मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण का रास्ता खुला तो बारिश ने रोक दिया काम

इंदौर ।   इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना को धरातल पर लाने के लिए मेट्रो कंपनी पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। मेट्रो कब दौड़ेगी यह कहना तो आसान नहीं है, लेकिन मेट्रो की फाइल तेजी से दौड़ने लगी है। दो दिन पूर्व नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह ने इंदौर मेट्रो की समीक्षा बैठक में साफ कहा कि जिन अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से लोन के लिए एग्रीमेंट हुआ है, उनसे सतत संपर्क बनाए रखें, ताकि फंड में किसी तरह की रुकावट नहीं आए। हालांकि कंपनी ने प्रथम चरण के लिए जो कार्ययोजना बनाई है उसमें कई बड़ी बाधाएं आ रही हैं, जो कंपनी के लिए परेशानी बनी हुई है। निगम को पत्र लिखकर मेट्रो कंपनी ने लिखा है कि नगर निगम सुखलिया चौराहा से विजय नगर चौराहे के बीच गुजर रही हाईटेंशन लाइन, एमआर-10 ब्रिज से पीपल्याहाना चौराहे तक लगे सात जेंट्री गेट , चंद्रगुप्त मौर्य चौराहे से प्रतिमा तथा एमआर-10 ब्रिज से बापट तक सैकड़ों पेड़ों को हटाने जैसी बाधाओं को जल्द से जल्द हटा दें, ताकि हमारा कार्य आगे बढ़ सके, वहीं निगम भी शहर में हो रही लगातार बारिश के कारण काम नहीं कर पा रहा है।

मेट्रो प्रोजेक्ट का पहला चरण

इंदौर में जल्द मेट्रो दौड़ने के लिए मेट्रो कंपनी ने प्रारंभिक चरण के कार्य शुरू करने के लिए पूरा प्लान तो तैयार कर लिया है, लेकिन शहर में लगातार हो रही बारिश ने मेट्रो का काम बिगाड़ रखा है। इस मामले में बाधाएं हटाने के लिए मेट्रो कंपनी ने निगम को लिखे पत्र में प्रोजेक्ट में पूरा सहयोग भी मांगा है। कंपनी के पत्र के बाद निगम ने बाधाएं हटाने के लिए काम शुरू कर दिया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण निगम काम नहीं कर पा रहा है।

हाईटेंशन लाइन की शिफ्टिंग

बताया गया है कि सुखलिया चौराहे से विजय नगर चौराहे के बीच 132 केवी की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। इसको अनिवार्य रूप से शिμट किया जाना है। शिμिटंग नहीं होने के कारण मेट्रो का काम रुका हुआ है। इस संबंध हाईटेंशन लाइन की शिμिटंग के लिए नगर निगम काफी पहले बिजली कंपनी को पत्र लिख चुका है, लेकिन अभी यह काम शुरू नहीं हुआ है।

5 जेंट्री गेट को हटाना है

एमआर-10 ब्रिज से लेकर पीपल्याहाना चौराहे तक बने 5 जेंट्री गेट हैं जो बाधक बने हुए हैं। इसको हटाने के लिए मेट्रो कंपनी ने निगम से कहा कि अगर उसके पास इन्हें हटाने के लिए संसाधन नहीं है तो वे निर्माण करने वाली कंपनी से जेंट्री गेट को हटा सकते हैं । बताया गया है कि निगम ने मेट्रो कंपनी को भरोसा दिलाया है कि मौसम खुलते ही सातों जेंट्री गेट हटा देगा।

पहले इनसे निपटना होगा कंपनी और निगम को

* सुखलिया चौराहे पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा को भी शिμट किया जाना है।

* इसको लेकर भाजपा संगठन से चर्चा चल रही है।

* इसी तरह सुखलिया चौराहे पर भारत माता मंदिर की जमीन मेट्रो रेल कंपनी को लेनी होगी।

* इस जमीन पर मेट्रो का रेलवे स्टेशन तैयार किया जाएगा।

* मेट्रो रेल कंपनी लारा मंदिर को यथावत रखा जाएगा। यह जमीन हाउसिंग बोर्ड की है जिनसे जमीन लेने पर चर्चा की जा रही है।

* स्टेशन निर्माण के लिए लगभग 4000 स्क्वेयर फीट से अधिक जमीन की जरूरत कंपनी को है।

* सुखलिया चौराहे पर करोड़ों की लागत से बना शंख गार्डन भी शिμट किया जाना है।

* इस गार्डन में सुंदर पौधे और कलाकृतियां स्थापित की गई थी लेकिन सेंट्रल डिवाइडर से होते हुए मेट्रो ट्रैक के पिलर इस गार्डन में बनाए जाएंगे।

मेट्रो प्रोजेक्ट पर एक नजर

* प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 31.55 किलोमीटर की रिंग लाइन बनेगी।

* ये कॉरिडोर बंगाली चौराहे से विजयनगर, एयरपोर्ट होते हुए पलासिया तक जाएगा।

* इस परियोजना की कुल लागत करीब 7,500 करोड़ 80 लाख रुपए हैं।